पौड़ी शहर में चौड़ीकरण के बजाए बाईपास बनाने की है तैयारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी शहर को बाईपास किए जाने की सुगबुगाहट के बीच पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने बाईपास निर्माण को लेकर कड़ा विरोध जताया है। शुक्रवार को प्रेस नोट जारी करने के साथ ही पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक नमन चंदोला ने सरकार की कार्यशैली पर एतराज़ जताते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद से ही सरकारों का ध्यान पौड़ी की तरफ नहीं रहा है यही कारण है कि 24 साल बाद भी पौड़ी उपेक्षित है। कहा कि सरकार ने कभी भी पौड़ी को पर्यटन के रुप में बढ़ाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है जिस कारण 24 सालों बाद भी पौड़ी हाशिए पर है। संघर्ष समिति की तरफ से बयान जारी करते हुए चंदोला ने कहा कि जब तक शहर की सड़कों का चौड़ीकरण नहीं किया जाता तब तक यातायात व्यवस्था ठीक नहीं होगी। सरकार को अतिशीघ्र शहर से अतिक्रमण हटाते हुए शहर की सड़कों को चौड़ीकरण में बदला जाना चाहिए जिससे आवागमन में आसानी हो और पौड़ी के व्यापार के साथ साथ पौड़ी शहर विकसित हो। कहा कि एनएच अथोरिटी ने गलत आकंड़े पेश किए हैं अतिक्रमण की जद में 500 नहीं बल्कि 158 मकान हैं जिनका चिन्हिकरण किया गया था सरकार 800 करोड़ की परियोजना के बजाय सामाजिकता और मानवीयता के आधार पर 158 मकानों को विस्थापित करें और शहर के आधुनिकीकरण में योगदान दें। कहा कि जो कार्य 80 से 100 करोड़ की मुआवजा राशि के रूप में हो सकता है उसके बदले बाईपास क्यों बनाया जा रहा है ये समझ से परे है। सरकार ने पहले भी दिल्ली,मुंबई,यूपी में अतिक्रमण हटाने पर प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया है तो यहां भी सरकार ऐसा कर सकती है और पौड़ी को बेहाली से निकालकर विकास की पटरी में ला सकती है। कहा कि सरकार यदि पौड़ी शहर की सड़कों का चौड़ीकरण नहीं करती और बाईपास निर्माण को अंतिम निर्णय मानती है तो सरकार के इस फैसले का सड़क पर आंदोलन के रुप में जवाब दिया जाएगा।