बताते चलें कि टिहरी नरेश महाराजा नरेंद्र शाह ने, उड़ाथली का नाम बदलकर, अपने नाम से नरेंद्रनगर शहर बसाया था, और वर्ष 1924 से 1949 तक यह शहर टिहरी रियासत की राजधानी रही है,
नगर में भू बंदोबस्त कराने की मांग को लेकर, गठित संघर्ष समिति के बैनर तले, नगर वासियों ने पालिका के रामलीला मैदान से नगर के मुख्य मार्गों पर जबरदस्त जुलूस निकालते हुए सरकार व शासन-प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की,तहसील प्रांगण में पहुंचकर,यह जुलूस एक सभा में तब्दील हो गया,
संघर्ष समिति द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल के माध्यम से प्रेषित किया गया,
इस मौके पर क्षेत्र के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि नरेंद्र नगर का भूमि बंदोबस्त कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए, ताकि लोगों को उनके मकान व जमीन का मालिकाना हक मिल सके, अन्यथा आंदोलन उग्र किया जाएगा,
सभा को संघर्ष समिति के अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य, सचिव रघुवीर भंडारी, जयंत बहुगुणा व आभा पंवार आदि ने संबोधित किया,और चेतावनी दी है कि यदि भू बंदोबस्त की मांग तुरंत अमल में नहीं लाई गयी , तो नगर वासी ,उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
