रामनगर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर कब्ज़ा प्रदेश मे सियासत गर्म। रावत ने की प्रेस वार्ता

रामनगर में कांग्रेस कार्यालय को लेकर सियासत अब गरमा गई है। कुछ समय से विवादों में घिरे इस कार्यालय पर अब फिर से बवाल मचा है। इस बार मामला सड़क तक आ पहुंचा,और पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ऑनलाइन ऑर्डर जैसा माहौल… ना कोई नोटिस, ना प्रशासन की जरूरत… बस कुछ दवांगो ने खुद को ताकतवर समझते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के कार्यालय पर जबरन ताला तोड़कर कब्जा कर लिया।

हंगामा इतना बढ़ा कि रणजीत सिंह रावत से ऑफिस की चाबियां छीन ली गईं। खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ती रहीं। प्रदेश में ‘कानून नाम की कोई चीज बची है या नहीं’, इस पर बहस छिड़ गई।

एक तरफ कांग्रेस का बड़ा धड़ा रणजीत सिंह के साथ खड़ा दिखा, तो दूसरी तरफ खुद कांग्रेस के ही कुछ नेता अपनी पार्टी खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आए। जिनको रणजीत रावत ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं को बीजेपी के सुपारी किलर का कहते हुए आज इसी विवाद पर रणजीत सिंह रावत ने अपने घर से प्रेस वार्ता की और बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा— “आज जो लोग मुझसे कांग्रेस कार्यालय छीनने में लगे हैं, वही लोग पहले अंडरवर्ल्ड डॉन मिंटू चौधरी और पीपी गैंग के नाम पर कारोबारियों से वसूली किया करते थे, नशे का धंधा करते थे… और अब पहाड़ियों को नीचा दिखाने की साजिश में लगे हैं।”

अब सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ कांग्रेस का अंदरूनी विवाद है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा सियासी खेल चल रहा है? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा