Sunday 26/ 07/ 2026 

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हल्द्वानी_(दर्द भरी कहानी) तीन साल की मासूम के सर से उठा मां का साया,पिता भी पहुचां सलाखों के पीछे, पढ़े पूरा मामला

हल्द्वानी – उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक दर्द भरी कहानी सामने आई है जहां 3 साल के मासूम से कुछ दिन पहले मां का साया उठ गया और अब पिता के जेल जाने के बाद मासूम आगे पीछे कोई नहीं बचा जिसके बाद अब प्रशासन ने मासूम को सामाजिक संस्था वीरांगना को सौंप है।

बनभूलपुरा की तीन साल की एक मासूम को समय ने बेसहारा कर दिया। मां का कुछ दिन पहले निधन हो गया था इसके बाद चंद रोज पहले पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया। छह दिन तक पड़ोसियों ने बच्ची की देखभाल की। बुधवार को उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को इसकी जानकारी दी तो उनके हस्तक्षेप के बाद बच्ची को सामाजिक संस्था का संरक्षण मिल सका।

बनभूलपुरा में यह बच्ची अपने माता-पिता के साये में रह रही थी। कुछ दिन पहले बीमार मां का साया उससे उठ गया। तब से घर पर पिता और बच्ची ही थी। मादक पदार्थ रखने के आरोप में पिता को छह दिन पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तब से वह जेल में है। पिता के सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद से बिटिया घर पर अकेली रह गई। पहले दिन तो पड़ोसियों को भी पता नहीं चला कि उसका पिता कहां गया। उस दिन वह पिता के आने पर टकटकी लगाए रहे। अगले दिन उसके जेल जाने की खबर मिली तो उन्होंने मिल-जुलकर बच्ची की देखभाल शुरू की। छह दिन में कभी किसी पड़ोसी तो कभी दूसरे के घर में उसके दिन-रात बीते।

बुधवार को किसी ने इन पड़ोसियों को आगाह किया कि वह पुलिस-प्रशासन को सूचित किए बिना बच्ची को अपने पास नहीं रख सकते। तब कुछ महिलाएं मासूम को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के दफ्तर पहुंची। उन्होंने मामले की जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा सोनी को दी।

उन्होंने चाइल्डलाइन की टीम को भेजकर बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। बाद में उसे जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने आदेश पारित कर मासूम के पालन पोषण का जिम्मा सामाजिक संस्था वीरांगना को सौंप दिया। अब यह बच्ची इसी संस्था की सदस्यों के संरक्षण में है।

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