Sunday 26/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
चीनी मिल के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शिष्ट मंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातअमर बलिदानी श्रीदेव सुमन को उत्तरकाशी पुलिस का नमन, पूरे जनपद में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रमबंदरों के आतंक पर नगर निगम का बड़ा प्रहार-श्रीनगर में विशेष अभियान शुरूदेवभूमि की बेटी सनाया भण्डारी का स्वर्णिम परचम-सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीत रचा नया इतिहासशैक्षिक उत्कृष्टता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर संपन्न हुआ बाल युवा सम्मेलनस्वकर वसूली पर फिलहाल रोक-व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए महापौर आरती भण्डारी का बड़ा फैसलाएमबीबीएस छात्रों के ज्ञानवर्धन और बेहतर चिकित्सक बनने की दिशा में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं हैं महत्वपूर्ण–डॉ.आशुतोष सयानाएचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने घोषित किया पीएचडी प्रवेश परीक्षा परिणाम-पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ने रचा नया कीर्तिमानयुवाओं को भटकने से रोकने का संदेश-बद्रीश कॉलोनी में सक्रिय हुई समाज और पुलिस की साझी पहलपौधे लगाने से नहीं-उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने से होगा पर्यावरण का संरक्षण–डॉ.मारिषा पंवार गर्ग
उत्तराखण्डज़रा हटकेहल्द्वानी

हल्द्वानी_उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवा ने उड़ान भरी: हल्द्वानी से ड्रोन के जरिए दवाइयां पहुंचाने का सफल परीक्षण

हल्द्वानी – उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए आज सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से ड्रोन के जरिए दवाइयां भेजने का सफल ट्रायल किया गया। यह ट्रायल कोटाबाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के लिए किया गया, जहां ड्रोन ने कम समय में जरूरी दवाइयां पहुंचाई।

 

इस ऐतिहासिक पहल की जानकारी देते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया, “यह ड्रोन सिस्टम खासकर दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इसके जरिए आपातकालीन स्थितियों में न सिर्फ जरूरी दवाएं बल्कि रक्त, सांप के जहर का टीका और अन्य जीवन रक्षक सामग्री भी भेजी जा सकेगी।” उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए जरूरी सभी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्राप्त कर लिए गए हैं।

और आज इसका सफल परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान तकनीकी टीम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में इस आधुनिक सिस्टम का निरीक्षण किया गया। डॉ. जोशी ने आगे बताया कि आने वाले समय में इस ड्रोन तकनीक को राज्य के अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी लागू करने की योजना है, ताकि लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता जल्दी मुहैया कराई जा सके।

Check Also
Close