मसूरी म्युनिसिपल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में दो शिक्षकों के बीच में जमकर हंगामा, एक शिक्षक ने उठाई चप्पल तो दूसरे ने पुलिस में की शिकायत



मसूरी म्युनिसिपल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में दो शिक्षकों के बीच में जमकर बवाल हुआ। बताया जा रहा है कि कालेज में नेक ( राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद) की प्रक्रिया चल रही थी। जिसको लेकर कॉलेज परिसर में शिक्षकों का ऑनलाइन संवाद चल रहा था। संवाद के दौरान शिक्षक डॉ. नरेन्द्र सिंह ने बताया कि कॉलेज में पिछले 18 महीने से सैलरी तनख्वाह न मिलने की बात कही तो वही शिक्षक डॉ. प्रमोद भारती ने कहा कि कॉलेज प्राचार्य अनिल कुमार चौहान द्वारा उनके प्रमोशन को काफी समय से रुका हुआ है। जिस पर शिक्षक डॉ. शालिनी गुप्ता द्वारा संवाद खत्म होने के बाद कॉलेज हॉल के बाहर जमकर बवाल काटा और शिक्षक डॉ.प्रमोद भारती और शिक्षक डा. एमएल उपाध्याय के साथ अभद्रता कर उनको पैर से निकालकर चप्पल दिखाई । जिससे विवाद बढ़ गया वही दोनों शिक्षकों के बीच जमकर कहां सुनी हुई । वह हंगामें के समय मौजूद षिक्षकों और स्टाफ ने बडी मुषकिलो से हंगामे को षांत किया गया। वही दोनो पक्षो के द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए गए। व प्रमोद भारती द्वारा मसूरी कोतवाली में शिक्षक शालिनी गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है।
शिक्षक डॉ शालिनी गुप्ता ने कहा कि वह पिछले कई महीनों से शिक्षकों और स्टाफ के सहयोग से नेक की प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश कर रही है और अब जब नेक की प्रक्रिया पूरी होने जा रही है तो कुछ शिक्षा में व्यवधान डालने की कोशिश कर रहे हैं और बेवजह का आरोप लगा रहे हैं। जिस कॉलेज को भारी नुकसान होने की संभावना है उन्होंने कहा कि नेक की प्रक्रिया पूरा होने के बाद इसका लाभ मसूरी और आसपास के छात्र-छात्राओं को मिलेगा परंतु कुछ शिक्षक अपने व्यक्तिगत स्वार्थ को लेकर कॉलेज का अहित कर रहे हैं जिसको किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होने कहा कि उनहोने गुस्से में आकर चपल उठाई है।
शिक्षक डा प्रमोद भारती ने कहा कि प्रधानाचार्य अनिल कुमार चौहान और शिक्षिका डा शालिनी गुप्ता द्वारा नेक की प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है उन्होंने कहा कि जो नेक में दिखाया जा रहा है वह बिल्कुल गलत है ऐसे में उनसे नेक में शिक्षक के संवाद सेषन में झूठ बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा था परंतु वह किसी भी हाल में झूठ और फर्जीवाडा बर्दाष्त नही करेगे। उन्होंने का कि नेक के षिक्षक संवाद सेषन में उन्होने प्रतिनिधियों को बताया कि उनका प्रमोशन कॉलेज के प्राचार्य के द्वारा पिछले काफी समय से रोका जा रहा है जिससे उनका काफी नुकसान और मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। उन्होने कहा कि षालिनी गुप्ता ने कालेज परिसर में उनपर हमला कर उनको चप्पल दिखाने का काम किया गया है जिससे उनके मान सम्मान को ठेस पहुची है जिसको लेकर उनके द्वारा मसूरी कोतवाली में षिकायत कर कार्यवाही की मांग की है।
शिक्षक डा. नरेंद्र सिंह ने कहा कि 18 महीने पहले पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा उनका मसूरी एमपीजी कॉलेज में नियुक्ति की गई थी परंतु आज तक उनको तनख्वाह के नाम पर एक रुपए भी नहीं दिया गया है जिसको लेकर उन्होंने नेक के शिक्षक संवाद सेशन में नेक के प्रतिनिधियों को बताया जिसपर शिक्षक शालिनी गुप्ता द्वारा कॉलेज में उनके साथ अभ्रदता कर बवाल कर दिया।
कॉलेज के प्राचार्य अनिल कुमार चौहान ने कहा कि जब शिक्षकों के बीच हुए हंगामे के समय व वहां पर मौजूद नहीं थे परन्तु है कॉलेज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षक कॉलेज में पिछले कई समय से नेक की प्रक्रिया को पूरी नहीं होने दे रहे हैं। उन्होने कहा कि उनके द्वारा कालेज के षिक्षकों और स्टाफ की मदद से नेक की प्रक्रिया को पूरा करने के लिये दिन रात मेहनत कर रहे है ओर व हर हाल में पूरा करने की कोशिश की जा रही है वह नेक मंे शिक्षकों के संवाद सेशन में दो शिक्षकों द्वारा नेक की प्रक्रिया में व्यवधान डालने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कॉलेज में नैक की प्रक्रिया को पूरा करने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेगे जिससे कि छात्रों को इसका लाभ मिल सके उन्होंने कहा कि शिक्षक डॉ प्रमोद भारतीय और डॉक्टर नरेंद्र नरेंद्र सिंह द्वारा नेक की प्रक्रिया में उनका बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया गया । उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर कालेज प्रबंधन समिति की अध्यक्ष पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी से वार्ता कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।