मसूरी में वीकेंड पर भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिला जिससे लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब से बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचे, जिससे गांधी चौक, मॉल रोड, लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस और कैम्पटी फॉल जैसे इलाकों में हालात बदतर हो गए। मसूरी से दो से तीन किलामीटर कर सफर तय करने में दो से तीन घंटे लग रहे हैं। षुक्रवार को एक बुजुर्ग पर्यटक की मालरोड में जाम की वजह से मौत हो गई। मसूरी में लगने वाले जाम के कारण पर्यटक के साथ स्थानीय लोग परेशान है। उन्होंने कहा कि हर साल मसूरी में पर्यटन सीजन और वीकेंड में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिये प्रशासन और पुलिस कार्य योजना तैयार करती है और ब योजना को धरातल पर उतारा जाता है तो वह फेल हो जाती है। उन्होने कहा कि मसूरी में लगने वाले जाम का मुख्य कारण है कि मसूरी षहर में पार्किंग का अभाव है जिस कारण लोग सड़क किनारे बेतरकीब तरीके से गाडिया पार्क कर देते है जिस कारण जाम लग जाता है। कई पर्यटकों ने कहा कि मसूरी आकर गलती कर दी। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो पोस्ट करके हालात की आलोचना की। पुलिस की ओर से वन-वे ट्रैफिक, बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी के दावे किए गए थे, लेकिन वो नाकाफी साबित हुए। लोगो ने कहा कि प्रषासन और पुलिस के बाद कोई ठोस ट्रैफिक कंट्रोल प्लान नहीं था। यातायात के लिहाज से कोई वैकल्पिक रूट नहीं खोला गया। भीड़भाड़ के बावजूद लोकल ट्रांसपोर्ट या शटल सिस्टम को सक्रिय नहीं किया गया। होटल एसोसिएशन के महासचिव अजय भार्गव के अनुसार, शुक्रवार को होटल की बुकिंग 60प्रतिषत थी, जो शनिवार और रविवार को बढ़कर 80 प्रतिषत हो गई। उन्होने कहा कि मसूरी में प्रषासन और पुलिस द्वारा मसूरी में लगातार ट्रैफिक जाम को लेकर ठोस प्लान नही तैयार किया ग्या है वह मसूरी आने वाले र्प्यटकों को सीधा मसूरी आने दिया जाये व वापस मसूरी से जाते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाये जिससे र्प्यटकों को किसी प्रकार की परेषानी ना हो। वही पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन को प्रभावी और दीर्घकालिक उपायों की आवश्यकता है।
मसूरी में वीकेंड पर ट्रैफिक जाम, प्रशासन के दावे हुए नाकाम, पर्यटक परेशान
