तुंगेश्वर महादेव मंदिर में सिखाया गया योग एवं वेद पुराण और नदी सभ्यता पर हुई चर्चा

अगस्त्यमुनि/रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। अनुसूया प्रसाद बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि की नमामि गंगे समिति द्वारा राज्य स्वच्छ गंगा मिशन नमामि गंगे उत्तराखंड के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योग दिवस से पूर्व 8 जून 2025 को तुंगेश्वर महादेव मंदिर ग्राम-त्यूंग (ग्राम सभा-परकंडी) में योगाभ्यास शिविर के साथ ही वेद-पुराण एवं इतिहास में नदियों के संरक्षण की अखंड परंपरा पर आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.के.सी.दुदपुडी ने तुंगेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पुरी को अंगवस्त्र भेंट कर किया साथ ही उन्होंने योग का महत्त्व एवं जलस्रोतों के संरक्षण के लिए ग्राम वासियों को जागरूक किया। मुख्य अतिथि मंदिर परिसर के महंत पुरी द्वारा अपने व्याख्यान में सनातन परंपरा में नदियों की पावनता एवं संरक्षण में ऋषियों,मनीषियों के तप की पौराणिक व्याख्या की गई। उन्होंने इस ब्रह्मांड में भूमि,जल,अग्नि,आकाश एवम् वायु इन पंचतत्वों का महत्त्व भी उजागर किया। प्राध्यापिका डॉ.दीप्ति राणा द्वारा विश्व की अनेक सभ्यताओं के विकास में नदियों के अक्षुण्ण योगदान की विस्तृत जानकारी दी गई एवं स्वच्छता के महत्त्व पर चर्चा की गई। डॉ.सतीश तिवारी ने वेदों के महत्व से लेकर शंकराचार्य के दर्शन पर विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि योगाचार्य गणेश भट्ट द्वारा योग दर्शन के पराभौतिक और भौतिक महत्त्व पर विस्तृत चर्चा की गई तथा योग के विभिन्न आसनों सुखासन,वज्रासन,त्रिकोणासन आदि के साथ-साथ प्राणायाम इत्यादि का अभ्यास भी कराया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन नमामि गंगे समिति की नोडल अधिकारी डॉ.ममता भट्ट द्वारा किया गया। डॉ.सतीश तिवारी ने किया कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया । कार्यक्रम के संचालन में नमामि गंगे समिति के सदस्य डॉ.जितेंद्र सिंह,डॉ.ममता थपलियाल,शर्मिला एवं गीता ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम प्रतिनिधियों सहित ग्रामवासियों ने योगाभ्यास एवम् संगोष्ठी का लाभ प्राप्त किया।