पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही मसूरी एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हो गया है, लेकिन साथ ही एक बार फिर पुरानी समस्या-भारी ट्रैफिक जाम-ने सिर उठा लिया है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए हजारों सैलानी जाम में घंटों फंसे रहे। इससे ना सिर्फ उनकी यात्रा का आनंद फीका हो गया, बल्कि कुछ मामलों में तो यह जानलेवा भी साबित हुआ। हाल ही में एक दुखद घटना में दिल्ली के 62 वर्षीय पर्यटक कमल किशोर तंडन की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई क्योंकि उनको समय से 108 एम्बेलंस नही मिली और मालरोड में अत्याधिक ट्रैफिक में फंसी उनकी प्राइवेट कार से उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सकी। इस घटना ने मसूरी की अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खोल दी है। मसूरी की संकरी सड़कों पर एक समय में करीब 8,000 से ज्यादा वाहन पहुंच जाते हैं, जबकि नगर प्रशासन के पास मात्र 1,500 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है। गांधी चौक, लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस और केम्प्टी फाल जैसी जगहों पर वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। पर्यटक खुले शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे है-“हम सोच कर आए थे कि शांत पहाड़ों में सुकून मिलेगा, लेकिन यहां तो हर मोड़ पर जाम है। कोई ट्रैफिक पुलिस नहीं, कोई मार्गदर्शन नहीं,” – राहुल वर्मा, दिल्ली से आए पर्यटक। “हमें होटल पहुंचने में 5 घंटे लग गए। इतनी भीड़ के लिए कोई इंतजाम नहीं? सरकार को यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट पर काम करना चाहिए,” – अभिनव दूबे, पंजाब से आयें पर्यटक। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जाम की वजह से न केवल पर्यटक परेशान हैं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आपातकालीन सेवाएं, स्कूली वाहन और ज़रूरी सामान की आपूर्ति तक प्रभावित हो रही है। हालांकि प्रशासन ने ‘ऑपरेशन लगाम’ नाम की एक मुहिम शुरू की है, जिसके तहत शराब पीकर वाहन चलाने और सड़क पर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ट्रैफिक और पार्किंग की मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की हैकि मसूरी में नई पार्किंग सुविधाओं का विकास, खासकर बाहरी इलाकों में। बायपास रोड और वैकल्पिक मार्गों का निर्माण किया जाये । गोल्फ कार्ट, ई-रिक्शा और शटल सेवा का संचालन ताकि मॉल रोड और मुख्य बाजारों में वाहनों की एंट्री कम हो। टाइम-स्लॉट आधारित वाहन प्रवेश प्रणाली लागू की जाये। व सप्ताहांत और छुट्टियों में विशेष ट्रैफिक फोर्स की तैनाती की जाये। मसूरी के सौरभ षर्मा ने कहा कि मसूरी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, लेकिन हर सीजन में ट्रैफिक जाम की विकराल समस्या इसकी छवि को नुकसान पहुंचा रही है। यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो आने वाले वर्षों में पर्यटन को इससे बड़ा झटका लग सकता है।मसूरी में टैफिक प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि मसूरी में सप्ताहांत और छुट्टियों होने के कारण अत्याधिक र्प्यटको की भीड हो गई थी जिससे मसूरी में कई जगहो पर जाम लगने की समस्या उतपन्न हो गई थी। पुलिस द्वारा सभी चौक चौहराहो पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किये गए है जिनको द्वारा यातायात को व्यवस्थित करने की कोषिष की जा रही है। जिससे जाम की समस्या से लोगो को निजात मिल सकें।
मसूरी में पर्यटन सीजन में भारी जाम से पर्यटक परेशान, सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग
