विकास खण्ड खिर्सू के बलोड़ी में तीन दिवसीय देव पूजन-मंडाण पूर्णाहुति के साथ हुआ संपन्न

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में देवी-देवताओं का मंडाण एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। जिसमें समस्त गांववासी एकत्रित होकर स्थानीय देवी देवताओं की पूजा अर्चना करते हैं और पहाड़ी पारंपरिक वाद्ययंत्रों ढोल-दमाऊं के थाप से देवी देवताओं को पुकारते हैं जिससे देवी देवता मनुष्य शरीर में अवतरित हो। विगत तीन दिन से विकास खण्ड खिर्सू के ग्राम-बलोड़ी में तीन दिवसीय गौरा देवी व भैरवनाथ का मंडाण आज पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर नर रूप में अवतरित मां गौरा देवी व भैरवनाथ ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान बृजमोहन बहुगुणा एवं गांव वासियों द्वारा ध्याणी मिलन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जो पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। गांव की ध्याणियों (विवाहित बेटियों) को पटका पहनाकर मां गौरा व भैरवनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। मंडाण को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय गांव के प्रवासी,स्थानीय लोग व ध्याणियां पहुंची थी। तीन दिनों तक चले देव पूजन में श्रद्धालु भक्तजनों ने देवताओं के पश्वाओं से आशीर्वाद लिया और भक्तों द्वारा मां गौरा व भैरवनाथ के जयकारों से क्षेत्र का पूरा वातावरण भक्ति में हो उठा। और भक्तों ने देवी देवताओं से क्षेत्र की खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना की। पूजा संपन्न होने के बाद मां गौरा देवी मंदिर में ब्राह्मणों के द्वारा हवन के उपरान्त भक्तों को प्रसाद भंडारे के रूप में ग्रहण कराया गया। प्रवासी ग्रामीण भी इन आयोजनों में रुचि ले रहे हैं जिससे गांव की ओर उनका रुझान बढ़ रहा है,इस आयोजन में गांव के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस देव पूजन कार्य में प्रधान बृजमोहन बहुगुणा द्वारा सभी अतिथियों को पटका पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बलोड़ी के प्रधान बृजमोहन बहुगुणा,शिक्षक सुनिल बहुगुणा,पंडित विभोर बहुगुणा,पंडित अरुण बहुगुणा,श्रीनगर नगर निगम के पार्षद सोनू चमोली,पार्षद हिमांशु बहुगुणा,प्रदीप बहुगुणा,नवीन बहुगुणा गल्थू,मनोज बहुगुणा,शैलेन्द्र बहुगुणा,सुरज बहुगुणा,नवीन बहुगुणा नेता,योगेश बहुगुणा,गोवर्धन बहुगुणा,संदीप बहुगुणा,राजाराम सेमवाल,हरी प्रसाद बहुगुणा,विनोद प्रकाश चमोली,आनन्द प्रकाश चमोली,अंकित राणा,ढोल-दमाऊं वादक गुलाम भारती,भारत भारती आदि काफी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित थे।