लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला लाल बहादुर शास्त्री अकादमी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के डायरेक्टर श्री तारिणी कांति ने पौधा देकर ओम बिरला का स्वागत किया। गुरुवार को ओम बिरला विशेष विमान से देहरादून जौली ग्रांट से मसूरी पोलो ग्राउंड पहुंचे जहां पर भारी सुरक्षा के बीच लाल बहादुर शास्त्री अकादमी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 127वें प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। राज्य सिविल सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में पदोन्नत अधिकारियों के लिए इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नें मुख्य अतिथि के रूप में हुए शिरकत किया। इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के 19 राज्यों से 97 अधिकारियों के प्रशिक्षण लिया। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास में सिविल सेवा अधिकारियों की भूमिका अहम है। उन्होने प्रशासनिक अधिकारी समस्याओं का अंतिम पड़ाव बने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोषिष करे। प्रशासनिक अधिकारी में लोगों के जीवन में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने का सामर्थ्य होना चाहिये। अधिकारियों को अपने कार्य क्षेत्र में अपने काम से हमेशा बेंचमार्क छोड़कर जाना चाहिए, ताकि आने वाला अधिकारी उसका अनुसरण कर सकें । उन्होने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में अध्ययन – शिक्षण दृ प्रशिक्षण लगातार चलता है। उन्होने कहा कि अधिकारी राष्ट् के निर्माण में कर्म योगी के रूप में काम कर रहे है। लाल बहादुर शास्त्री का विचार लोकतंत्र में प्रेरणा देते है भारत राष्ट को विवदता का देष है। भारत विभिन्न विविधता होने के बाद भी राष्ट विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि राज्य प्रशासनिक अनुभव के साथ आप देश की सेवा करने जा रहे है अकादमी में कोर्स लोगों के जीवन में परिवर्तन करने में अहम होगा। आपदा और अन्य चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिकारी तैयार है। उन्होंने कहा कि परीक्षण अधिकारियों को निखारने का काम करता है। बिरला ने कहा कि छात्र जीवन से ही एक ही लक्ष्य रखा हमारी दिशा और सोच लोगों के जीवन को बदलने का काम करना थांत्र। जीवन में कभी भी शिक्षण और परीक्षण खत्म नहीं होता है उन्होने कहा कि अधिकारियों को बदलते स्वरूप के साथ चलना पड़ेगा। अधिकारियों का अनुभव राष्ट्र के सेवा नए संकल्प और विचार के साथ काम करेंगे। उन्होने कहा कि विवदता के बात इसलिए कही कि वह अलग अलग देशों में गए उनके लोकतांत्रिक को देखा और नया अनुभव ओर सीखने को मिला। उप्होने कहा कि व संसद में नई तकनीक और पारदर्शिता लाने का प्रयास किया है। लोकतांत्रिक में तीन पिलर है जिसमें कार्य पालिका के भूमिका अहम है। उन्होने कहा कि कार्य पालिका को मजबूत होना पड़ेगा और दक्षता से काम कर सकते है पालिसी बनाने के बाद उसका क्रियान्वयन का कार्य अधिकारियों का होता है। जिसको उनको ईमानदारी से करना चाहिए जिससे उसका लाभ आम जनता को मिल सके। प्रशासनिक अधिकारी जनता में लोकप्रिय भी होता है और अलोकप्रिय भी होता है। लोकप्रिय अधिकारी को उसके जाने के बाद भी लोग याद रखे जाते है। उन्होंने कहा कि अधिकारी कानून का पालन भी करवाए ओर देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन में कैसे बदलाव लाने का भी काम करे। लोगों को बदलना अधिकारी के सामर्थ्य पर निर्भर करता है।अधिकारी अपने कार्यों का मूल्यांकन समय समय।पर करे।अधिकारी को जिस पोस्ट में भेजा है उसको जनता हित के लिए काम करना चाहिए और देश।के गरीब और आम जनता के विकास और उसका न्याय दिलाने का काम करे। अधिकारी किसी की समस्या का निराकरण करने का हर संभव प्रयास करें खासकर गरीब को हर हाल मे मदद करे उसे अपने कार्यालय के चक्कर न कटवाये। समस्याओं के निराकरण के लिये संचार साधन का हर हाल का प्रयोग करें जिससे जनता को उसका फायदा मिलेगा और लोगों के जीवन में बदलाव कर पाएगा।डेमोक्रेसी में अगर प्रशासनिक कार्य करने वाले अधिकारी सही तरीके से करेगा तो फरियादी जनप्रतिनिधि के पास नहीं जाएगा। सरकार की जनकल्याणकारी योजना को जन जन तक पहुंचाए जाने का ईमानदारी से काम करे। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी जितने लोगों की जिंदगी बदल देगा तो उसके मन की शांति जरूर मिलेगी। अधिकारी तनाव में काम न करे और अधिकारी एक दूसरे से अनुभवों को एक दूसरे से साझा करे। आत्मविश्वास के साथ देश की सेवा करे जिससे भारत को विकसित भारत बनाया जा सके।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मसूरी पहुंचे, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 127वें प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में की शिरकत
