मसूरी के निर्वतमान पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा इको शुल्क और मसूरी रोपवे में की गई अनियमितता में पाया गया दोषी,


शासन अनुज गुप्ता सहित तत्कालीन अधिकारियों से होगी ₹886.74 लाख की वसूली
तीन दिन के भीतर अधिशासी अधिकारी ने घोटालेबाज निवर्तमान अध्यक्ष, ईओ, कर अधिक्षक और कर्मचारियों की सूची करानी है उपलब्ध


शहरी विकास निदेशालय, उत्तराखण्ड अपर निदेशक, कृते निदेशक डा. ललित नारायण मिश्र ने नगर पालिका परिषद, मूसरी में विभिन्न विकास कार्यों से जुड़ी भारी वित्तीय अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए अधिशासी अधिकारी को ₹886.74 लाख (लगभग 8.86 करोड़ रुपये) की वित्तीय हानि के संबंध में वसूली प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। जिसपर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने अधिषासी अधिकारी तनवीर मारवाह को तत्काल घोटाला करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों की सूची तीन दिन के भितर षासन को उपलब्ध कराने के निर्देष दिये गए है।
बता दे नगर पालिका परिषद, मूसरी के विभिन्न कार्यों विषयक अनियमितता में आंकलित वित्तीय हानि रू-886.74 लाख की वसूली के संबंध में प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि जांच समिति की जांच संख्या दिनांक 26-जून 2023 में उल्लेख किया गया है कि नवीन अग्रवाल को ईको टैक्स व राजेन्द्र बंगवाल को मसूरी रोपवे पर वित्तीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 में लगातार कोई कर नहीं लगाया गया है, जबकि उक्त अवधि में कम्पनी गार्डन में कोई छूट नही दी गयी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इको टैक्स रू0 98.75 लाख निर्धारित किया गया है, जबकि 2019-20 मे इको टैक्स रू0 231.54 लाख निर्धारित था जो कि 57 प्रतिशत से न्यून है। मसूरी रोपवे में वर्ष 2019-20 के सापेक्ष 2022-23 में शुल्क यथावत रखा गया है। कंपनी गार्डन में वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक प्रत्येक वर्ष ’ 2.20 लाख शुल्क निर्धारित कर वसूल किया गया है। बिना आधार के छूट दिये जाने पर पालिका को ईको टैक्स पर रू0 463.08 लाख तथा मत्तूरी रोपवे पर रु 406.02 लाख, इस प्रकार उक्त दो वित्तीय वर्षों में कुल रू0 888.10 लाख की वित्तीय हानि आंकलित की गई है। किसी विशेष व्यक्ति को 100 प्रतिशत छूट देना तथा कर निर्धारण/वसूली के लिए पृथक-पृथक मानक निर्धारण करना जांच समिति द्वारा तार्किक नहीं पाया गया है। अतः निर्देशित किया जाता है कि कोड-निर्भर भार योजना के अन्तर्गत प्रदान की गई क्षतिपूर्ति एवं समय वृद्धि विस्तार की कार्यवाही के संबंध में समय निकाय में तैनात निवर्तमान अध्यक्ष के अतिरिक्त आहरण वितरण अधिकारी के रूप में निकाय में तैनात अधिशासी अधिकारी एवं पालिका केन्द्रीयित/अकेन्द्रीयित सेवा के कार्मिकों के नाम पदनाम की सूचना सहित प्रकरण के संबंध में विस्तृत आख्या तत्काल निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गए है ताकि शासन के निर्देशानुसार अग्रेत्तर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
इस पूरे प्रकरण में शासन द्वारा गठित जांच टीम ने कार्यों का गहन मूल्यांकन कर ₹886.74 लाख की आंकलित हानि चिन्हित की है। इसके बाद निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिम्मेदार, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष, अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वसूली की कार्यवाही हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जाए। शहरी विकास निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय हानि के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है। शासन स्तर पर प्रस्ताव मिलने के बाद संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि वे नियमानुसार वसूली करें अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ करें। नगर पालिका परिषद, मसूरी में इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई वर्तमान एवं पूर्व अधिकारियों की भूमिका अब जांच के दायरे में है। सूत्रों के अनुसार, शासन इस मामले को नजीर के तौर पर लेकर आगे अन्य नगर निकायों की भी ऑडिट प्रक्रिया को गति दे सकता है।