सेवानिवृत्त सैनिक के जन्मदिवस पर ग्रामीणों ने रोपे 100 से अधिक समलौण पौधे,गांव की धरोहर को बचाने का संकल्प

श्रीनगर गढ़वाल। प्रकृति संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल करते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खंड थलीसैंण की पट्टी कण्डारस्यूं के भरदुरखाल गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने समलौण संस्था के सचिव एवं पर्यावरण प्रेमी नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सामूहिक रूप से बांज,सिल्वर ओक और अंगू समेत विभिन्न प्रजातियों के 100 से अधिक समलौण पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का संचालन समलौण संस्था के संस्थापक वीरेंद्र दत्त गोदियाल द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र गांव के पूर्वजों द्वारा स्थापित एक पारंपरिक पेयजल स्रोत रहा है,जहां से पीने का पानी गांव के लोग और पशु प्राप्त करते थे। लेकिन आबादी बढ़ने और जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण यह जलस्रोत धीरे-धीरे सूखने लगा। नेगी ने बताया कि सेना से सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने अपने जन्मदिवस को एक विशेष उद्देश्य से जोड़ने का संकल्प लिया। वर्ष 2018 से हर जुलाई माह में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की गई,जो अब एक परंपरा बन चुकी है। वन विभाग के सहयोग से किए जा रहे इस वृक्षारोपण अभियान में अब तक 15,000 से अधिक पौधे जीवित अवस्था में विकसित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पौधों की देखभाल के लिए गांव के जरूरतमंदों को कुछ धनराशि देकर संरक्षण की जिम्मेदारी भी दी जाती है,जिससे यह अभियान एक सामाजिक सरोकार का रूप ले चुका है। नेगी ने विश्वास जताया कि यह जंगल एक दिन हमारे पूर्वजों द्वारा स्थापित पेयजल स्रोत को पुनर्जीवित करेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर के रूप में एक मिसाल बनेगा। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे इस वन क्षेत्र की रक्षा एवं देखभाल करें ताकि यह सामूहिक प्रयास रंग ला सके। इस मौके पर वन विभाग की पैठाणी रेंज से वन बीट अधिकारी कमल सिंह,अनुज रावत समेत कई अधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों में कुमारी अर्चना,सोनी,दुर्गा,लीला,सोनाली,स्वेता,मीनाक्षी,सोनम,कविता,प्रिया,सिमरन,नूतन,प्रियंका,दिव्या,राधिका,आरती,निकिता,गौरी,आरुषि,शिक्षा,सुप्रिया,राजेंद्र सिंह,मनोज नौडियाल,कुशालमणि रतूड़ी,पूर्ण सिंह,मुकेश नौडियाल,अमरीष,पुनीत रावत,दीक्षित समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। यह आयोजन सिर्फ पौधारोपण नहीं,बल्कि प्रकृति और परंपरा से जुड़ाव का जीवंत प्रमाण बन गया है।