कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में गढ़वाल विश्विद्यालय के रक्षा अध्ययन विभाग द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय के रक्षा,सामरिक एवं भू-राजनीतिक अध्ययन विभाग ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान को सम्मानित करते हुए कारगिल विजय दिवस की विजय के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह सत्र पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय की 26 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेजर जनरल अमरजीत सिंह (सेवानिवृत्त), प्रो.हरीश के.ठाकुर और कर्नल रवि रैना अतिथि वक्ताओं के रूप में उपस्थित रहें। इस कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो.आर.सी.एस.कुंवर,वरिष्ठ प्रो.भारती चौहान,डॉ.बी.एस.जयारा,डॉ.मोहित चरण, कार्यक्रम के समन्वय डॉ.सुरेन्द्र कुंवर,डॉ.स्टैनज़िन नामगेल और संयोजन डॉ.बिनेश भाटिया एवं विभाग के शोधार्थी,छात्र,एन.एस.एस.समन्वयक डॉ.रितिका वर्मा तथा एन.एस.एस.ओपन यूनिट,चंडीगढ़ के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इसका विषय हमारे सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और कारगिल में भारत की विजय की अदम्य भावना को स्मरण करना था। यह कार्यक्रम प्रतिष्ठित सैन्य विशेषज्ञों,शिक्षाविदों और युवाओं को कारगिल युद्ध में दिए गए बलिदानों और उससे सीखे गए सबक पर विचार करने के मकसद से आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता जनरल अमरजीत ने कारगिल के सामरिक महत्व,आधुनिक युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलुओं पर प्रकाश डाला और साथ ही अगली पीढ़ी को प्रेरित किया। कर्नल रैना ने युवाओं को प्रामाणिक स्रोतों से अधिक पढ़ने और सोशल मीडिया पर प्रसारित गलत सूचनाओं से बचने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम गूगल ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित किया गया जिसमें 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में ऑपरेशन विजय की विरासत को श्रद्धांजलि दी गई। अंत में डॉ.नमगेल ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।