ज्योतिष और भूगोल के समन्वय पर होगी संगोष्ठी,हिमालय ज्योतिष परिषद की बैठक सम्पन्न

श्रीनगर गढ़वाल। हिमालय क्षेत्र में सनातन ज्योतिष परंपरा के संरक्षण और शोध की दिशा में कार्यरत हिमालय ज्योतिष संरक्षण एवं विकास परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 27 जुलाई 2025 को कल्याणेश्वर धर्मशाला में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष आचार्य भाष्करानन्द अणथ्वाल ने की। बैठक में आचार्य अणथ्वाल ने बताया कि परिषद द्वारा आगामी अगस्त माह में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के सहयोग से एक उच्चस्तरीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। संगोष्ठी का विषय होगा-ज्योतिष में भूगोल एवं भौगोलिक परिवेश की भूमिका,जिसमें ज्योतिष और भूगोल जैसे प्राचीन एवं आधुनिक विज्ञानों के मध्य संबंधों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस प्रस्तावित संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के भूगोल संकाय के शोधार्थी,प्राध्यापक,साथ ही क्षेत्र के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। संगोष्ठी की तिथि का औपचारिक ऐलान शीघ्र किया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने संगोष्ठी की पहल को ऐतिहासिक कदम बताया और इसके लिए अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में परिषद के उपाध्यक्ष प्रो.रामानन्द गैरोला,पं.राजाराम जोशी,डॉ.अरविंद दरमोड़ा,आचार्य दिनेश जोशी सहित कई गणमान्य विद्वान, ज्योतिषी एवं सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में सभी ने एकमत से यह प्रस्ताव भी पारित किया कि हिमालयी संस्कृति,परंपरा और पंचांग आधारित जीवन पद्धति को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की संगोष्ठियों को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए। हिमालयी ज्योतिष के नवचिंतन और अकादमिक समन्वय की यह पहल आने वाले समय में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।