कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की मुख्यमंत्री से भेंट गढ़वाल विश्वविद्यालय में वेलनेस और स्किल सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव और अग्निवीर पाठ्यक्रम व शोध यात्रा पर भी चर्चा

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने शनिवार को देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय की हालिया शैक्षणिक उपलब्धियों,नवाचारों और भावी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रो.सिंह ने बताया कि गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इस वर्ष सीयूईटी (CUET-UG) परीक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय में 15,000 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश हेतु पंजीकरण कराया है,जो संस्थान की बढ़ती लोकप्रियता और शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि श्रावण मास में संचालित कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन के सहयोग से स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षाएं शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई गईं। साथ ही बताया कि 7 अगस्त से विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए कुलपति ने विश्वविद्यालय की नई पहल के रूप में एक वेलनेस सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की परिकल्पना साझा की। यह केंद्र पर्वतीय संसाधनों पर आधारित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा,जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति,योग,जड़ी-बूटी आधारित उत्पाद और प्राकृतिक उपचारों को भी बढ़ावा मिलेगा,जिससे स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। कुलपति ने वेलनेस सेंटर के लिए राज्य सरकार से सहयोग का आग्रह भी किया। इसके अतिरिक्त कुलपति ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय उत्तराखंड की सामाजिक-सांस्कृतिक एवं सैन्य पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए अग्निवीरों के लिए विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के 20 शोधार्थियों का एक दल गढ़वाल राइफल्स के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्रों का शैक्षणिक भ्रमण करेगा,जिसका समस्त व्यय गढ़वाल राइफल्स द्वारा वहन किया जाएगा। यह शिष्टाचार भेंट शिक्षा,स्वास्थ्य,शोध और रोजगार की दृष्टि से गढ़वाल विश्वविद्यालय की दूरदर्शी सोच और उत्तराखंड सरकार के साथ उसके सहयोगात्मक संबंधों की एक प्रेरणादायक मिसाल रही।