जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकास खण्ड जखोली के बांगर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक कोट गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की भव्य कथा में श्रद्धा और भक्ति का अपूर्व संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पांडाल में जब प्रसिद्ध भागवताचार्य आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने श्रीकृष्ण जन्म कथा का रसपान कराया,तो हर भक्त भावविभोर हो उठा। कथा के दौरान आचार्य ममगांई ने अपने ओजस्वी और तत्वज्ञान से परिपूर्ण प्रवचनों में जीवन की गूढ़ सच्चाइयों को उद्घाटित करते हुए कहा कि अच्छे और बुरे की अंतिम कसौटी समाज नहीं,अपितु स्वयं ईश्वर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि आप ईश्वर की दृष्टि में श्रेष्ठ हैं,तो संसार की प्रशंसा अथवा निंदा का कोई महत्व नहीं। जीवन की दिशा और दशा केवल परमात्मा के न्याय से निर्धारित होती है,न कि लोकाचार से। उन्होंने श्रोताओं को आत्मनिरीक्षण करने का भी संदेश दिया कि वे अपने कर्म और भावनाओं को ईश्वर की कसौटी पर परखें। कथा के दौरान जैसे ही नंद घर आनंद भयो बधाइयों की गूंज वातावरण में गूंजी,श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। पूरा पांडाल जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं द्वारा हलवा,मिश्री और माखन का प्रसाद वितरित किया गया,जिससे आनंद का माहौल और भी दिव्य हो गया। इस भव्य आयोजन में कोट गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। उपस्थित गणमान्यजनों में वेदप्रकाश सेमवाल,प्रीति सेमवाल,राजेंद्र सेमवाल,ललिता सेमवाल,प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश सेमवाल,तुलसी सेमवाल,भानु सेमवाल,पुनिता सेमवाल,कल्पेश्वरी सेमवाल,गुड्डी नौडियाल,सुनिता मैठानी प्रमुख रहे। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से भी लोगों की भागीदारी रही। भाजपा के वरिष्ठ नेता वासुदेव मंदिर अध्यक्ष कुलेन्द्र राणा,संरक्षक सम्पूर्णानंद,सामाजिक कार्यकर्ता चिरंजी प्रसाद सेमवाल,पूर्व प्रधानाचार्या कथाव्यास घनानंद मैठाणी,प्रधानाचार्य मंगनानंद भट्ट,पूर्व प्रधान दीपा धिरवाण,बधाणीताल विकास समिति अध्यक्ष मोर सिंह धिरवाण,सहकारी बैंक डायरेक्टर टीकाराम भट्ट,राजराजेश्वरी मंदिर अध्यक्ष भगवान सिंह मेगवाल,संगीता भट्ट,विपिन सेमवाल,दीक्षा सेमवाल,अनमोल सेमवाल,रक्षा सेमवाल,भजराम सेमवाल,आचार्य कैलाश थपलियाल,आचार्य हर्षमणि सेमवाल,लक्ष्मी सेमवाल,सत्येवर सेमवाल,आचार्य संदीप बहुगुणा,आचार्य हिमांशु मैठानी,आचार्य जितेंद्र धस्माना,अनिल चमोली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। आगामी दिनों में कथा में गोवर्धन पूजा,रासलीला और श्रीकृष्ण उपदेश की झलकियां सुनने को मिलेंगी। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य आयोजन का लाभ उठाएं।
अच्छे-बुरे की अंतिम कसौटी है ईश्वर की दृष्टि–आचार्य ममगांई
