पौड़ी शहर की अनदेखी पर भड़की पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति सांसद बलूनी से इस्तीफे की मांग

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी पर पौड़ी शहर की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने रविवार को तीखा रुख अपनाया। समिति ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि यदि सांसद को शहर की समस्याएं दिखाई ही नहीं देती तो उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। समिति के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि पौड़ी की जनता ने अनिल बलूनी को अपनी समस्याओं का समाधान करने की उम्मीद से चुना था,लेकिन डेढ़ साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पहल सामने नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने न तो शहर की समस्याओं पर सामाजिक संगठनों से संवाद किया और न ही जमीनी स्तर पर कोई प्रयास किया है। साल भर का वक्त किसी भी सांसद को समस्याओं को समझने और समाधान खोजने के लिए पर्याप्त होता है। लेकिन यहां स्थिति उलट है जनता की समस्याएं जस की तस हैं और सांसद का ध्यान कहीं और नमन चंदोला। संघर्ष समिति ने साफ कहा कि यदि जल्द ही शहर की समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की राह अख्तियार की जाएगी। चंदोला ने स्पष्ट चेतावनी दी सरकार यदि यह सोच रही है कि जांच एजेंसियों या दबाव की राजनीति से हमें डराया जाएगा,तो यह उसकी भूल है। पिछले 13 वर्षों से हमने जनता के हित में जनआंदोलन किए हैं और आगे भी करेंगे। नमन चंदोला ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जनता ने भाजपा को बदलाव के लिए चुना था,लेकिन प्रतिनिधि और नेता क्षेत्र के बदलाव की बजाय स्वयं के बदलाव में मशगूल हैं। यह जनता के साथ धोखा है। समिति ने साफ शब्दों में कहा कि सांसद अनिल बलूनी को समस्याओं को सुलझाने के लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है। अब यदि वे जिम्मेदारी निभाने में असमर्थ हैं तो बेहतर यही होगा कि वे अपने पद से इस्तीफा दे दें। संघर्ष समिति ने यह भी चेताया कि आने वाले समय में गढ़वाल सांसद समेत उन सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जनांदोलन की नई लहर खड़ी की जाएगी,जिन्होंने पौड़ी शहर की समस्याओं से मुंह मोड़ा है। पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति का यह रुख आने वाले दिनों में गढ़वाल की राजनीति को गर्माने वाला है। अब देखना होगा कि सांसद अनिल बलूनी इस जनाक्रोश पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या पौड़ी की उपेक्षा का मुद्दा फिर एक बड़े आंदोलन का कारण बनता है।