नारसन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक नदारद, इमरजेंसी के दौरान घायल व्यक्ति का वार्ड ब्वाय ने किया इलाज

जहां एक और सरकार लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च करती है तो जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है आपको बता दे कि शाम लगभग 7 बजे नारसन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दुर्घटना ग्रस्त हुए गंभीर हालत में एक मरीज को लाया गया था,लेकिन इलाज के लिए कोई भी चिकित्सक नहीं मिला । हालांकि स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद ए एम टी और और एक स्टाफ नर्स द्वारा दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने के बाद, रुड़की सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया । हालांकि दिन के समय तो अस्पताल में भर्ती मरीजों को उपचार मिल जाता है। लेकिन रात के समय आने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है। कारण यह है कि रात के समय अस्पताल में एक डॉक्टर की इमरजेंसी में ड्यूटी रहती है। लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अस्पताल के बजाए घर पर आराम फरमाते हैं। ऐसे में रात में आने वाले मरीजों को पहले तो डाक्टर को तलाशना पड़ता है। वहीं जब डॉक्टर उन्हें मिल भी जाएं तो वे घर से ही मरीज को बिना देखे दवा लिख देते हैं, जिससे मरीज को कई बार सही इलाज भी नहीं मिल पाता है।