श्रीनगर गढ़वाल। अलकनन्दा घाटी के आंचल में अवस्थित मां धारी देवी मंदिर के आसपास अतिक्रमण पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा की दृष्टि से विशेष अभियान चलाया। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा के निर्देश पर शनिवार को तहसील प्रशासन और नगर निगम श्रीनगर की संयुक्त टीम ने यह कदम उठाया। अभियान के अंतर्गत मंदिर के समीप बने टिन से निर्मित दो दुकानों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि अलकनन्दा नदी में लगातार बढ़ते जल स्तर और मंदिर के ठीक ऊपर स्थित पहाड़ी से गिरते पत्थरों की आशंका के चलते यह कदम अनिवार्य था। साथ ही क्षेत्र के अन्य व्यवसायियों और स्थानीय नागरिकों को सतर्क करते हुए अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धारी देवी मंदिर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस अभियान का नेतृत्व तहसीलदार श्रीनगर दीपक भण्डारी ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से चौकी प्रभारी कल्यासौड़ विजय सैलानी,महिला उपनिरीक्षक भावना भट्ट,नगर निगम श्रीनगर से सहायक नगर आयुक्त गायत्री बिष्ट, श्रीनगर नगर निगम से रविराज बंगारी,शशि पंवार मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक,कर अधीक्षक सुशील कुमार कुरील,कर निरीक्षक नवीन कुमार,मुकेश जोशी एवं अकलेश अवस्थी कर निरीक्षक मौजूद रहे। प्रशासन ने आसपास के दुकानदारों और निवासियों को सावधान रहने की चेतावनी दी है। विशेषकर बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और पहाड़ी से पत्थर गिरने जैसी घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने,सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक अतिक्रमण से बचने की सलाह दी गई है। धारी देवी मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि अलकनन्दा घाटी की सांस्कृतिक धरोहर भी है। प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन हेतु पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।
मां धारी देवी मंदिर के निकट चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
