Tuesday 22/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
शिक्षक भविष्य निर्माता होता है – डॉ स्वामी चंद्रामसूरी शरदोत्सव का न्योता लेकर सीएम धामी से मिले गणेश जोशी और मीरा सकलानीलंबे अंतराल बाद लौट रहा मसूरी का ऐतिहासिक शरदोत्सव, मुख्यमंत्री नेहै आयोजन में पहुंचने का दिया भरोसा पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय बाद होने जा रहे ऐतिहासिक शरदोत्सव 2026 को लेकर शहर में उत्साह बढ़ने लगा है। शरदोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियों के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें शरदोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन में पहुंचने का भरोसा दिया। शरदोत्सव को मसूरी की पुरानी सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़े इस आयोजन की दोबारा शुरुआत से स्थानीय कलाकारों, युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों में उत्साह है। आयोजन के माध्यम से मसूरी की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला और प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी की जा रही है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने मसूरी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से भी उन्हें अवगत कराया। उन्होंने सड़क, पेयजल, पर्यटन विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। हालांकि मुलाकात का प्रमुख केंद्र शरदोत्सव रहा और मुख्यमंत्री को आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। शरदोत्सव के आयोजन को लेकर शहर में विभिन्न समितियों के गठन और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय कलाकारों और अन्य प्रतिभाओं को अवसर देने की तैयारी है। इससे मसूरी के पर्यटन सीजन में भी नई गतिविधियां जुड़ने की उम्मीद है। मुलाकात में सभासद कुशाल सिंह राणा, जसबीर कौर, प्रदेश संस्कृति प्रकोष्ठ संयोजक राजेंद्र रावत, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।मसूरी में रेलवे की जमीन पर कब्जे को लेकर मसूरी झड़ीपानी में कार्रवाई, 31 मकानों पर नोटिस चस्पा संपदा अधिकारी के बेदखली आदेश के बाद उत्तर रेलवे की टीम पहुंची, भारी पुलिस बल रहा तैनात झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर उत्तर रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है। संपदा अधिकारी की अदालत से बेदखली आदेश जारी होने के बाद सोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ झड़ीपानी पहुंची। टीम ने रेलवे की भूमि पर बने 31 मकानों पर नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।उत्तर रेलवे की ओर से जारी संपदा अधिकारी के आदेश के अनुसार झड़ीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल के समीप रेलवे की करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर जगमोहन उर्फ सांझ कैफे पुत्र दर्शन लाल द्वारा अनधिकृत कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार संपदा अधिकारी की अदालत ने पूरे मामले में रेलवे की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और पक्ष को देखने के बाद कब्जे को अनधिकृत माना है। आदेश में प्रतिवादी को 15 दिन के भीतर रेलवे की भूमि से कब्जा हटाकर रेलवे को भूमि सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में रेलवे प्रशासन को नियमानुसार बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करने तथा कार्रवाई में आने वाला खर्च वसूल करने का अधिकार भी दिया गया है।रेलवे ने तीन पुराने विक्रय अभिलेखों का दिया हवालारेलवे की ओर से संपदा अधिकारी की अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि संबंधित भूमि रेलवे की है और इसके समर्थन में रेलवे के पास पुराने विक्रय अभिलेख मौजूद हैं। रेलवे ने अपने जवाब में 21 अप्रैल 1886, 28 दिसंबर 1895 तथा वर्ष 1920-21 के अभिलेखों का हवाला देते हुए भूमि पर रेलवे का अधिकार बताया है। रेलवे का कहना है कि इन दस्तावेजों से संबंधित प्रतियां भी वाद पत्रावली में प्रस्तुत की गई हैं।रेलवे अधिकारियों ने प्रतिवादी के उस दावे को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें भूमि को निजी संपत्ति बताया गया था। रेलवे के अनुसार प्रतिवादी की ओर से भूमि के स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे संबंधित 100 वर्ग मीटर भूमि पर उसका मालिकाना हक साबित हो सके।हाई कोर्ट के आदेश का भी दिया हवालामामले में प्रतिवादी की ओर से वर्ष 1940 के सीमांकन, राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उत्तराखंड हाई कोर्ट में दाखिल रिट याचिकाओं का हवाला दिया गया था। प्रतिवादी ने दावा किया था कि राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई में संबंधित भूमि रेलवे की नहीं पाई गई। वहीं रेलवे ने संपदा अधिकारी की कार्यवाही में कहा कि हाई कोर्ट ने पूर्व में रेलवे की नोटिस संबंधी कार्यवाही को प्रक्रिया संबंधी आधार पर निरस्त किया था, लेकिन रेलवे को कानून के अनुसार कार्रवाई करने से नहीं रोका गया था। इसी आधार पर रेलवे ने संपदा अधिकारी के समक्ष नए सिरे से कार्रवाई की।पुलिस बल की मौजूदगी में चस्पा हुए नोटिससोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों और रेलवे पुलिस की टीम झड़ीपानी पहुंची। कार्रवाई को देखते हुए मसूरी पुलिस की ओर से भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली।आषु षर्मा सिनियर सेक्षन इंजीनियर रेलवे देहरादून ने बताया कि नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई संपदा अधिकारी के आदेश के अनुपालन में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे और स्थानीय लोगों के बीच जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वही स्थानीय लोगों ने कहा वह कई दशकों से यहां पर रह रह है और उनके द्वारा भूमि को खरीद कर मकान बनाया है वह नगर पालिका परिषद में भी दाखिल खारिज हो रखा हे ऐसे में रेलवे के अधिकारी आये दिन रेलवे की संपत्ति बताकर उनके मकानों में नोटिस लगा रहे है जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हा रहा है उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रेलवे बोर्ड से उनकी सम्पति के कागजात दिखाने को कहा गया वह रेलवे के अधिकारी कागज नहीं दिखा रहे है। उन्होंने कहा वह सक्षम न्यायालय में पूरे मामले को लेकर जायेगे। इस मौके पर मसूरी कोतवाल नरेन्द्र सिंह, एसएसआई सतेन्द्र भाटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद था।प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर करनपुर में जलाए हजारों दीप, हलवा प्रसाद का हुआ वितरणमजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगा : मुख्यमंत्रीसितारगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आठ वारंटी अभियुक्त गिरफ्तारउत्तम संयम धर्म के दिन धूप की सुगंध से महका टीएमयू परिसरसितारगंज।  उप जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम प्रधानों के लिए एक आवश्यक बैठक एवं संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करते हुए इसके लक्षण, बचाव एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं इस मौके पर उपस्थित चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि अस्पताल में ग्राम प्रधानों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें क्षय रोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण के माध्यम से बताया गया कि यदि किसी ग्राम सभा या आसपास के क्षेत्र में कोई व्यक्ति क्षय रोग से ग्रसित पाया जाता है, तो उसकी पहचान, जांच एवं उपचार के लिए किस प्रकार स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित किया जा सकता है उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम प्रधानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधानों सहित उप जिला चिकित्सालय का स्टाफ भी मौजूद रहा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाना रहा।प्रदेश को खेलभूमि के रूप में विकसित कर रही धामी सरकारः विकास शर्माकिच्छा में भव्य रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, संदीप अरोड़ा के समर्थन में महापौर विकास शर्मा ने किया जनसंपर्क
उत्तराखण्ड

कृषि व सहकारिता के संयुक्त प्रयासों से आत्मनिर्भर बन रहा किसान और गांव की आर्थिकी मजबूत होगी तो देश समृद्ध बनेगा-सुबोध उनियाल

गढ़वाल। श्रीनगर के आवास विकास मैदान में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेला ग्रामीण विकास,आत्मनिर्भर भारत और आर्थिक सशक्तिकरण की भावना से सराबोर रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल तथा विशिष्ट अतिथि सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यदि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है,तो सबसे पहले गांव की आर्थिकी को सशक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता ही वह माध्यम है जो किसान,मजदूर,महिला और युवा सभी को एक सूत्र में जोड़कर आर्थिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त करती है। सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड का सहकारी मॉडल पूरे देश के लिए एक मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,उत्पादन और विपणन के लिए स्थानीय मंच मिलेगा,तब पलायन की समस्या अपने आप समाप्त हो जाएगी। उन्होंने सहकारिता मंत्री डॉ.रावत के नवाचारपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 500 नाली भूमि क्लस्टर योजना,बिना ब्याज ऋण योजना,रेहड़ी-पटरी वालों के लिए आर्थिक सहायता और लखपति दीदी योजना जैसी पहले ग्रामीण जीवन में नई चेतना ला रही हैं। कार्यक्रम में विशेष अवसर पर जिले के 156 किसानों को कुल 2 करोड़ 21 लाख 50 हजार रुपये का ब्याज रहित ऋण वितरित किया गया। यह ऋण पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत दिया गया। रिखणीखाल ब्लॉक के 55 किसानों को रुपए 79 लाख,नैनीडांडा ब्लॉक के 61 किसानों को रुपए 84.50 लाख और बिरोंखाल ब्लॉक के 40 किसानों को रुपए 58 लाख की धनराशि प्रदान की गई। सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता अब एक आंदोलन का रूप ले चुकी है। राज्य सरकार किसानों,महिला समूहों और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आने वाले वर्षों में हर विकासखंड में सहकारिता आधारित लघु उद्योग और महिला उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों को रुपए 1 लाख तक ब्याजमुक्त फसली ऋण तथा पशुपालन और मशरूम उत्पादन हेतु रुपए 1.60 से रुपए 5 लाख तक का ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ.रावत ने कहा कि मिलेट्स मिशन योजना के तहत सहकारी समितियां किसानों से मंडुवा रुपए 4,886 प्रति क्विंटल की दर से क्रय कर रही हैं,जिससे किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल रहा है और पारंपरिक कृषि को नया जीवन मिल रहा है। मेले के दौरान महिला मंगल दलों के लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे। थलीसैंण,कपरोली और आसपास के क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारंपरिक गीत-नृत्य प्रस्तुत कर उत्तराखंडी लोक संस्कृति की झलक पेश की। शाम को लोकगायिका हेमा नेगी करासी के गीतों ने पूरे वातावरण को लोक रंगों से भर दिया। मेले की शुरुआत आर.सी.मेमोरियल उफल्डा पब्लिक स्कूल के बैंड प्रदर्शन से हुई,जिसमें बच्चों के शानदार प्रदर्शन पर मुख्य अतिथि द्वारा रुपए 2100 की पुरस्कार राशि भेंट की गई। कार्यक्रम में इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी,निदेशक उमेश त्रिपाठी,अपर निबंधक आनंद ए.डी.शुक्ला,महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक संजय रावत,मेला संयोजक मातवर सिंह रावत,संपत सिंह रावत,महावीर कुकरेती,नरेंद्र सिंह रावत, मनोज पटवाल,ब्लॉक प्रमुख खिर्सू अनिल भण्डारी,भाजपा जिला महामंत्री गणेश भट्ट,मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों,महिला समूहों और सहकारी समितियों को अपने कार्यों का प्रदर्शन करने का अवसर मिला,जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार से सीधा जुड़ाव प्राप्त हुआ है। सहकारिता मेला केवल एक आयोजन नहीं,बल्कि ग्रामीण नवजागरण की नई शुरुआत है। जिस दिन गांव आत्मनिर्भर बन जाएंगे,उस दिन पलायन शब्द इतिहास बन जाएगा। सहकारिता की यह लहर उत्तराखंड के हर घर में समृद्धि की नई कहानी लिख रही है।

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