Monday 21/ 09/ 2026 

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उत्तराखण्ड

पौराणिक नागराजा मंदिर में भागीरथी कला संगम का स्वच्छता अभियान से धरोहर को निखारने की सराहनीय पहल

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर के समीप उफल्डा क्षेत्र स्थित पौराणिक नागराजा मंदिर में आज भागीरथी कला संगम के सदस्यों ने स्वच्छता अभियान चलाकर समाजसेवा और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्य राजमार्ग से लगभग दो किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर परिसर में संस्था के सदस्यों ने झाड़ियों की सफाई,कूड़ा और प्लास्टिक एकत्रीकरण सहित मंदिर प्रांगण को पूर्ण रूप से स्वच्छ किया। अभियान के उपरांत सभी सदस्यों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर संस्था के निर्देशक मदन गड़ोई ने कहा कि यह मंदिर हमारे क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसका जीर्णोद्धार पूर्व ग्राम प्रधान रमेश रावत के प्रयासों से हुआ था,जिन्होंने उफल्डा ग्रामसभा को आदर्श ग्राम का गौरव दिलाया था। परंतु खेद है कि आज यह धरोहर उपेक्षा का शिकार है। संस्था के वरिष्ठ सदस्य दीनबंधु चौहान ने कहा कि नागराजा मंदिर न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत है,बल्कि इसकी लोकेशन इतनी सुंदर है कि यदि उचित प्रयास हों तो इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल,सह सचिव संजय कोठारी,भगत सिंह बिष्ट,धर्मेन्द्र,रवि पूरी,राजेन्द्र रावत,मदन गड़ोई,दीनबंधु चौहान सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने भागीरथी कला संगम की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल मंदिर का सौंदर्य पुनर्जीवित होता है,बल्कि समाज में स्वच्छता और धरोहर संरक्षण की भावना भी सशक्त होती है। संस्था का यह प्रयास निस्संदेह क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला है और यह संदेश देता है कि अपनी धरोहरों को बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है।

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