वंदे मातरम की गूंज से गूंजा शिशु मंदिर-राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुशुम कंडवाल ने बच्चों संग बांटी राष्ट्रभक्ति की ऊर्जा

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगरी शनिवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम की मधुर धुनों से सराबोर हो उठी,जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुशुम कंडवाल ने शिशु मंदिर के नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ मिलकर सामूहिक गायन किया। राष्ट्रगीत की 150 वीं वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत यह कार्यक्रम जिलेभर में राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय संदेश देता दिखा। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को प्रेरित करते हुए कुशुम कंडवाल ने कहा कि आधुनिक समय में मोबाइल का उपयोग संयम से करें और माता-पिता की बातों को जीवन में सर्वोपरि रखें। उन्होंने बच्चों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सीख देते हुए कहा किसी भी अनजान व्यक्ति से दी गई खाने की वस्तु ग्रहण न करें और न ही अनजानों से मित्रता करें,सतर्कता ही सुरक्षा है। भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत ने विद्यालय से अपने आत्मीय जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं शिशु मंदिर के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ जो संस्कार मिलते हैं,वही बच्चों को जीवन में विशेष बनाते हैं। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,जिला महामंत्री गणेश भट्ट,प्रधानाचार्य गोविंद,प्रमिला भंडारी,मीना असवाल,रेनू सुंदरियाल,लक्ष्मी रावत,अंजना डोभाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत महिला मोर्चा जिला स्तरीय सम्मेलन उत्साह और संकल्प के साथ संपन्न। श्रीनगर में आयोजित जिला स्तरीय महिला मोर्चा सम्मेलन आत्मनिर्भरता और महिलाओं की भूमिका के सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुशुम कंडवाल ने महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा आत्मनिर्भर भारत का आधार मजबूत महिला शक्ति है। ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक महिलाओं के कौशल,आत्मविश्वास और संकल्प शक्ति को सशक्त बनाना हमारा राष्ट्रीय दायित्व है। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत ने की और महिलाओं को संगठनात्मक रूप से सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। श्रीनगर में एक ही दिन दो प्रमुख कार्यक्रमों में राष्ट्रभक्ति,अनुशासन,महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। कुशुम कंडवाल की उपस्थिति ने दोनों कार्यक्रमों को सार्थक दिशा दी और बच्चों से लेकर महिलाओं तक हर वर्ग को प्रेरित किया।
