Monday 09/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
किच्छा बसंत गार्डन विधानसभा क्षेत्र किच्छा की 26 वर्षीय शांभवी ने यूपीएससी में 46वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रच दिया है। आज डॉ गणेश उपाध्याय ने उनके घर जाकर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट कर आशीर्वाद दिया और उनके माता-पिता से कहा कि एकल संतान को अच्छे संस्कार और सोच देने से इस प्रकार की उपलब्धि हासिल कर पूरे देश को एक राह दिखाई ,जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक होगी। शांभवी ने पंतनगर कैंपस से इंटरमीडिएट और पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। डॉ उपाध्याय ने कहा कि जरूर आपको उत्तराखंड में डीएम बनने के बाद मुख्य सचिव पद आपको मिलेगा, ऐसी हमें विश्वास और भगवान से प्रार्थना करते हैं , अपने साक्षात्कार में शांभवी ने बेबाकी से अपने विचार रखे और आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का कार्य किया। विगत वर्ष शांभवी ने 445वीं रैंक प्राप्त कर आईआरएस कैडर प्राप्त किया था, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, जिसे उन्होंने तीसरे प्रयास में हासिल कर लिया। इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनके नाना जी ने कहा कि उन्हें अपनी पोती पर गर्व है। शांभवी ने कहा कि अगर उत्तराखंड उनका कर्म क्षेत्र बनता है, तो वह निश्चित रूप से आपदा प्रबंधन और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करेंगी।यादव सभा द्वारा रुद्रपुर में भव्य ‘होली मिलन समारोह’ का आयोजन: समाज की एकता और शिक्षा पर दिया जोररुद्रपुर। आज रुद्रपुर में यादव सभा द्वारा एक भव्य ‘होली मिलन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के समस्त सम्मानित यादव समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फूलों की होली खेलकर एक-दूसरे को बधाई दी गई और समाज के उज्ज्वल भविष्य पर चर्चा की गई।समाज की एकजुटता और शिक्षा पर विमर्श:समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने और संगठन को और अधिक मजबूत व एकत्र करने पर विशेष बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की उन्नति का आधार शिक्षा है, इसलिए हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षित और जागरूक बनाना होगा।विवादास्पद फिल्म का विरोध:कार्यक्रम के दौरान यादव समाज की छवि खराब करने की कोशिशों पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोग ‘यादव जी की लव स्टोरी’ जैसी बेहूदा फिल्में बनाकर समाज को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि समाज की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले ऐसे फिल्मकारों और लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।मुख्य अतिथि एवं गणमान्य उपस्थिति:कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अरविंद यादव (राष्ट्रीय महासचिव, समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड) उपस्थित रहे। सभा की अध्यक्षता अध्यक्ष श्री पूरन सिंह यादव ने की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्री अरविंद यादव, श्री डी.पी. यादव, और डॉ. बी.बी. सिंह यादव ने भी अपने विचार रखे।उपस्थित गणमान्य सदस्यों की सूची:कार्यक्रम में यादव समाज के सक्रिय सदस्य और सम्मानित व्यक्ति शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नाम सम्मिलित हैं:तहसील खटीमा के अंतर्गत आने वाले ग्राम झनकट आंगनबाड़ी केंद्र में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवससितारगंज कोतवाली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर खास प्रोग्राम का आयोजनअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में डॉ. एपीजे सभागार में सम्मान समारोह आयोजित,प्रत्येक ब्लाॅक में लगाई जायेगी अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीन–डाॅ.धन सिंह रावतकार्मिकों के हित में संघ भवन निर्माण को लेकर तेज हुई पहल,प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापनपीएमश्री अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज डांगचौरा में हुआ प्रेरक मार्गदर्शन सत्रपशुपालन विभाग की योजनाओं से गांवों में बढ़ रहा स्वरोजगार
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मजबूत पैर ही हैं दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की असली कुंजी–एम.एस.रावत


श्रीनगर गढ़वाल। अक्सर हम बढ़ती उम्र के संकेत चेहरे,बालों या त्वचा में खोजते हैं,लेकिन चिकित्सकीय और वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार बुढ़ापा सबसे पहले पैरों से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलता है। यदि पैरों की मांसपेशियां कमजोर होने लगें,तो यह न केवल चलने-फिरने की क्षमता को प्रभावित करता है,बल्कि हृदय,मस्तिष्क और संपूर्ण शरीर की कार्यप्रणाली पर भी गहरा असर डालता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ सबसे अधिक ध्यान पैरों को सक्रिय और मजबूत बनाए रखने पर देना चाहिए। अमेरिकी स्वास्थ्य पत्रिका प्रिवेंशन के अनुसार दीर्घायु के सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में मजबूत पैर की मांसपेशियों को शीर्ष स्थान दिया गया है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि यदि कोई व्यक्ति केवल दो सप्ताह तक अपने पैरों को सक्रिय नहीं रखता,तो पैरों की मांसपेशियों की ताकत लगभग दस वर्ष तक कम हो सकती है। डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के एक शोध में यह सामने आया है कि वृद्ध और युवा दोनों में ही केवल दो सप्ताह की निष्क्रियता से पैरों की मांसपेशियों की शक्ति एक-तिहाई तक घट सकती है,जो 20 से 30 वर्ष की उम्र बढ़ने के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो जाएं,तो उन्हें पुनः मजबूत करने में लंबा समय लगता है,भले ही बाद में व्यायाम और पुनर्वास किया जाए। इसलिए नियमित चलना और हल्का व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। मानव शरीर का पूरा भार पैरों पर टिका होता है। पैरों को शरीर के स्तंभ कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि मानव शरीर की 50 प्रतिशत हड्डियां और 50 प्रतिशत मांसपेशियां दोनों पैरों में ही होती हैं। शरीर के सबसे बड़े और मजबूत जोड़ भी पैरों में स्थित होते हैं। मजबूत हड्डियां,सशक्त मांसपेशियां और लचीले जोड़ मिलकर एक ऐसा त्रिकोण बनाते हैं,जो पूरे शरीर का भार वहन करता है। शरीर की लगभग 70 प्रतिशत गतिविधियां और कैलोरी की खपत केवल पैरों के माध्यम से होती है। युवावस्था में जांघों की मांसपेशियों में इतनी शक्ति होती है कि वे लगभग 800 किलोग्राम वजन वाली छोटी कार के बराबर बल सहन कर सकती हैं। दोनों पैरों में मानव शरीर की लगभग 50 प्रतिशत नसें,50 प्रतिशत रक्त वाहिकाएं और 50 प्रतिशत रक्त प्रवाह होता है। यही कारण है कि पैर शरीर का सबसे बड़ा संचार तंत्र हैं। जब पैर स्वस्थ होते हैं,तभी रक्त संचार सुचारू रहता है,जिससे हृदय भी मजबूत रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं,उनका हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है और उन्हें गंभीर रोगों का खतरा अपेक्षाकृत कम होता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर से कैल्शियम की कमी होने लगती है,जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। बुजुर्गों में जांघ की हड्डी का फ्रैक्चर बेहद खतरनाक माना जाता है। चिकित्सा आंकड़ों के अनुसार लगभग 15 प्रतिशत बुजुर्ग मरीजों की जांघ की हड्डी टूटने के एक वर्ष के भीतर मृत्यु हो जाती है,जो गंभीर चिंता का विषय है। व्यायाम की कोई उम्र नहीं,विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि पैरों का व्यायाम शुरू करने में कभी देर नहीं होती। 60 वर्ष की उम्र के बाद भी यदि नियमित रूप से चलना,हल्का व्यायाम और संतुलन अभ्यास किया जाए,तो इसके परिणाम आश्चर्यजनक हो सकते हैं। स्वस्थ जीवन का सरल मंत्र,प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 मिनट तेज चाल से पैदल चलें,लंबे समय तक बैठे रहने से बचें,पैरों को सक्रिय रखने वाले व्यायाम दिनचर्या में शामिल करें। यदि पैरों को मजबूत रखा जाए,तो बढ़ती उम्र के प्रभाव को काफी हद तक रोका या कम किया जा सकता है। मस्त रहें,स्वस्थ रहें,प्रसन्न रहें और रोज 30-40 मिनट सैर को जीवन का हिस्सा बनाएं।

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