जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मासिक समीक्षा बैठक में वंचित वर्गों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में न्याय को आमजन तक सुलभ बनाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल तथा जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के निर्देशानुसार सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाजिश कलीम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्राविधिक स्वयंसेवकों एवं अधिकार मित्रों की सहभागिता रही,जहां जनवरी 2026 के प्लान ऑफ एक्शन पर विस्तृत चर्चा की गई। आगामी दिनों में आयोजित किए जाने वाले विधिक जागरूकता कार्यक्रमों,विधिक शिविरों और लोक अदालतों की रूपरेखा तैयार की गई तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाएं समाज के अंतिम छोर तक पहुंचें। सचिव नाजिश कलीम ने उपस्थित स्वयंसेवकों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता,लोक अदालत,स्थायी लोक अदालत,मध्यस्थता तथा विधिक जागरूकता अभियानों से जोड़ें। उन्होंने विशेष रूप से वंचित,कमजोर,असहाय एवं हाशिये पर खड़े वर्गों तक विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित रह जाते हैं, इसलिए ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों,सरकारी सहायता योजनाओं और निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे सेतु की भूमिका निभाते हुए न्याय व्यवस्था और आमजन के बीच दूरी को कम करें। बैठक के दौरान विधिक सहायता प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने,मामलों के समयबद्ध निस्तारण तथा लोक अदालतों के माध्यम से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता कमल प्रसाद बमराड़ा,उप विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता महेश बलूनी,सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता विनोद कुमार,पैनल अधिवक्ता कुसुम नेगी,स्थायी लोक अदालत के सदस्य अतुल पोखरियाल सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकार मित्र एवं प्राविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था-न्याय को केवल अदालतों तक सीमित न रखते हुए,उसे हर जरूरतमंद व्यक्ति की दहलीज तक पहुंचाना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल जनपद में विधिक जागरूकता और सामाजिक न्याय को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
