Friday 27/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
प्रदेश के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर लगी रोक को समाप्त करने का ऐलान किया है। इस निर्णय से विशेष रूप से तराई एवं दलदली भूमि वाले क्षेत्रों के किसानों को बड़ी राहत मिली है।देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 42 सीटर विमान को दिखाई हरी झंडीउत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, डोईवाला से देहरादून–पिथौरागढ़–देहरादून हवाई सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 42 सीटों वाले विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “उड़ान योजना” और क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड में तेजी से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक लोगों की पहुंच आसान हो सकेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच हवाई सेवा शुरू होने से कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के बीच आवागमन सुगम होगा। इससे पर्यटन, तीर्थाटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के अधिक से अधिक क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलें और क्षेत्रीय विकास को गति मिले।कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। यात्रियों ने भी हवाई सेवा शुरू होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे यात्रा का समय काफी कम होगा और उन्हें बड़ी सुविधा मिलेगी।उद्घाटन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, उड्डयन विकास प्राधिकरण (उड़डा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान हवाई सेवा शुरू होने पर जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर उत्साह का माहौल देखने को मिला।देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू होने को उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।भाजपा का कार्यकाल झूठ का पुलिंदा : अलका पालजिलाधिकारी के निर्देश पर दिव्यांग को मिली बैटरी चालित ट्राई साइकिल, प्रशासन की संवेदनशील पहलरुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशों के क्रम में जनकल्याण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने विकास भवन, रुद्रपुर में भगवानपुर निवासी दिव्यांग गोपाल साहनी को बैटरी चालित ट्राई साइकिल प्रदान की। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से लाभार्थी गोपाल साहनी ने राहत की सांस ली और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।जानकारी के अनुसार, गत 23 मार्च को सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भगवानपुर, रुद्रपुर निवासी गोपाल साहनी ने अपनी शारीरिक असुविधाओं का उल्लेख करते हुए बैटरी चालित ट्राई साइकिल उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया था। कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया था कि लाभार्थी को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जाए।जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए गुरुवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी द्वारा गोपाल साहनी को बैटरी चालित ट्राई साइकिल प्रदान की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।ट्राई साइकिल मिलने के बाद गोपाल साहनी ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयां काफी हद तक कम हो जाएंगी और उन्हें आवागमन में सुविधा मिलेगी।इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।जिला बार चुनाव :- पहले दिन ग्यारह प्रत्याशियों ने दाखिल किया अपना नामंकन।शक्ति फार्म क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, कच्ची शराब बेचने वालों पर की बड़ी कार्रवाईशिवाय बावेजा जाने बढ़ाया स्कूल का मनधूम धाम से निकला माँ अटरिया का डोला, विधायक शिव अरोरा हुए शामिलटीएमयू में हैल्थ फॉरेंसिक पर वैश्विक कॉन्फ्रेंसदेश-विदेश के नामचीन एक्सपर्ट्स करेंगे मंथन
राज्य

जिला- उधमसिंह नगर (उत्तराखंड)पंतनगर विष्वविद्यालय में खुला अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हरित निर्माण को मिलेगा बढ़ावापंतनगर। 25 मार्च 2026। विष्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय अंतर्गत सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन मटेरियल्स हेतु सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का विधिवत उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान द्वारा किया गया। यह केंद्र देश की अग्रणी सीमेंट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ रणनीतिक सहयोग के अंतर्गत स्थापित किया गया है। यह सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस शैक्षणिक अनुसंधान और औद्योगिक आवश्यकताओं के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्र का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना ऊर्जा दक्षता में सुधार करना तथा कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करने हेतु नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करना है।अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि यह केंद्र केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि भविष्य के सिविल इंजीनियरों एवं शोधार्थियों के लिएसंछर्क प्रेरणादायक मंच है। उन्होंने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक साझेदार के साथ सहयोग से विश्वविद्यालय में होने वाला अनुसंधान अधिक व्यावहारिक, उपयोगी एवं समाजोपयोगी बनेगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि छात्रों को उद्योगोन्मुखी ज्ञान एवं उत्कृष्ट करियर अवसर भी प्राप्त होंगे। सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के प्रमुख उद्देश्यों में हरित निर्माण सामग्री के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन देना शामिल है। इसके अंतर्गत कम कार्बन उत्सर्जन वाली निर्माण सामग्री का विकास, वैकल्पिक ईंधन एवं कच्चे माल के उपयोग को बढ़ावा देना तथा फ्लाई ऐश, स्लैग जैसी औद्योगिक अपशिष्ट सामग्रियों का प्रभावी उपयोग कर मिश्रित सीमेंट के निर्माण एवं परीक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त केंद्र के माध्यम से कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इंजीनियरों, ठेकेदारों, शिक्षकों एवं छात्रों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, इंटर्नशिप, कार्यशालाएं एवं विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीकों एवं टिकाऊ प्रथाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके। उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह केंद्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां ऐसा वातावरण विकसित किया जाएगा जिसमें छात्र, शोधार्थी एवं संकाय सदस्य उद्योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर वास्तविक परियोजनाओं एवं चुनौतियों पर कार्य कर सकेंगे। इससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होगी तथा नवाचार को नई दिशा मिलेगी।प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. एस.एस. गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के केंद्र छात्रों के तकनीकी कौशल को उन्नत करने के साथ-साथ उनकी रोजगार क्षमता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने विष्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र भविष्य में राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के क्षेत्र में स्थिरता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।इस अवसर पर अल्ट्राटेक सीमेंट के जोनल हेड (टेक्निकल) श्री विपिन चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी देशभर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित कर रही है, ताकि उद्योग एवं शिक्षा के बीच मजबूत संबंध स्थापित किया जा सके। उन्होंने विष्वविद्यालय के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से बेहतर अवसर प्रदान करने की भी घोषणा की।कार्यक्रम में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डा. सुनील कुमार, डा. संजीव सुमन, डा. संदीप गुप्ता, डा. वनीता देवी, डा. एस. के. शर्मा, डा. वी.के. वर्मा सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अल्ट्राटेक सीमेंट की ओर से श्री शीराज जैदी (रीजनल हेड, टेक्निकल कस्टमर सोल्यूशन्स) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेषकगण, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

ई. मेल चित्र सं. 1. कार्यक्रम में एमओयू के साथ अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रतिनिधि एवं अधिष्ठाता प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डा. एस.एस. गुप्ता। *निदेशक संचार*

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