
दहरादून परम पूज्य महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के पवन सानिध्य में श्री पृथ्वीनाथ महादेव जी मंदिर देहरादून में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, 51 बिटियाओं का सामूहिक विवाह एवं पुरुषोत्तम मास के पावन पर्व पर चल रही पवित्र भागवत कथा के दूसरे दिन मथुरा वृंदावन से पधारे पूज्य व्यास विनीत वचन डबराल जी ने कथा की अमृत वर्षा की
कलयुग में भागवत श्रवण से ही मिलती है मन की शांति
कथा व्यास जी ने कहा कि इस घोर कलयुग में मात्र भागवत कथा ही एक ऐसा ग्रंथ है जिसको सुनने से मन की शांति सुख वैभव स्मृद्धि आदि की प्राप्ति होती है उन्होंने कहा भागवत श्रवण करने का नहीं यह तो पीने का ग्रंथ है उन्होंने यह भी कहा जीते जी तो इसको सुनने से मुक्ति मिलती है लेकिन यदि मृत्यु के बाद भी कोई इस ग्रंथ को सुन तो मृत आत्मा की मुक्ति होती है
भजन स्थान पर ही मिलते हैं भगवान
व्यास जी ने कहा जहां सत्संग होता है भजन कीर्तन होता है और प्रभु की पूजा की जाती है वहीं भगवान की प्राप्ति भी होती है उन्होंने आज सुखदेव द्वारा भगवान परीक्षित को कथा सुनने का वर्णन किया है
पूजा दिमाग से नहीं दिल से करें
व्यास जी ने कहा यदि भगवान को प्रसन्न करना है तो अपने भाव का जागृत होना आवश्यक है आप कितने ही 56 प्रकार के भोग भगवान को अर्पण कर दो यदि आपने भाव नहीं होगा तो प्रभु स्वीकार नहीं करेंगे आप में भाव है तो श्री राम प्रभु भीलनी के झूठे बेर भी खा जाते हैं प्रभु को पाने के लिए अपने भाव व श्रद्धा का होना आवश्यक है
कथा में आज सर्वश्री दिगंबर दिनेश पुरी वयोम सिंगल पुनीता गैरोला नवीन गुप्ता विक्की गोयल रोहित अग्रवाल अनिल गोयल एडवोकेट राजकुमार गुप्ता श्रीमती में डालकर श्रीमती अवंतिका मित्तल संगीता गुप्ता सरिता गुप्ता आदि उपस्थित रहेl
