वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के समन्वय में दूसरा देहदान संपन्न।

ब्रह्मलीन एडवोकेट श्री भगवती प्रसाद कोटनाला जी के गोलोक गमन के पश्चात उनकी इच्छानुसार उनकी पत्नी श्रीमती निर्मला कोटनाला जी व उनके सुपुत्रों श्री संदीप कोटनाला जी एवम श्री कर्नल अमित कोटनाला जी ने नेत्रदान के पश्चात, देहदान हेतु सहमति प्रदान कर समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
वीर भूमि एनक्लेव निवासी बाबू जी स्वयं सामाज सेवा व धार्मिक कार्यों में संलग्न रहे। यह सराहनीय कार्य भी उनके जीवन प्रवृत्ति के अनुरूप है।
श्री भगवती प्रसाद कोटनाला जी के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर दिनांक 25 मई रात्रि को वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद से आई टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर दान की गई आंखे (कॉर्निया) प्राप्त की। तत्पश्चात आज दिनांक 26 मई को टीएमयू मुरादाबाद से आई टीम को वसुधैव कुटुंबकम काशीपुर के समन्वय में देहदान की प्रक्रिया भी सम्पन्न हुई।
संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी ने बताया कि सनातनी समाज मे महर्षि दधीचि, राजा शिवि जैसे अनेकों उदाहरण मिलते हैं जिसमें संतो व महापुरुषों ने समाज के लिए अपना देहदान किया है। उन्होंने कहा कि रक्तदान, नेत्रदान या देहदान जैसे महादान की श्रेणी के ऐसे दान हैं जिसका विज्ञान पर अभी कोई विकल्प नहीं है।
संस्था के सचिव प्रियांशु बंसल ने बताया कि देहदान व नेत्रदान करवाने को नेत्रदान सहायता (24×7)
98370 80678 या 88990 45015 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है ।
संस्था के संरक्षक योगेश जिंदल जी, अध्यक्ष विकास जैन जी, सचिव प्रियांशु बंसल जी, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल जी, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, आशीष गुप्ता जी, अनुज सिंघल जी, अंकुर मित्तल जी, आशीष पैगिया जी, सीए सचिन अग्रवाल जी, वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के तत्वाधान में सम्पन्न हुए इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी कोटनाला परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिरशांति की प्रार्थना की । साथ ही क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान व देहदान कराने में वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर को सहयोग का आग्रह किया 🙏
