क़ानून का राज सलाखों के पीछे पहुंचे खाकी पर हाथ डालने वाले

एंकर : काशीपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कुमाऊं कॉलोनी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जब पुलिस की एक जांबाज टीम नियमबद्ध तरीके से बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन की महत्वपूर्ण विभागीय कार्रवाई को अंजाम दे रही थी, तभी समाज की शांति में खलल डालने वाले तत्वों ने खाकी की निष्ठा को चुनौती देने का दुस्साहस किया। इस रूटीन चेकिंग के दौरान पारस अधिकारी और पीयूष अधिकारी नामक दो युवकों ने न सिर्फ राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की, बल्कि कर्तव्य पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ बेहद अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की और उनके साथ हाथापाई करने पर उतारू हो गए। पुलिस के मान-सम्मान और सरकारी काम में इस तरह की गुंडागर्दी को काशीपुर के निडर और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार ने बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल अपराधियों को उनकी सही जगह दिखाने के निर्देश दिए। सीओ प्रशांत कुमार के कुशल नेतृत्व और त्वरित मार्गदर्शन में कोतवाली काशीपुर पुलिस ने पूरी दृढ़ता और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए सरकारी कार्य में व्यवधान डालने सहित विभिन्न संगीन और सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। खाकी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले इन दोनों आरोपियों को पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तत्परता से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिससे क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में कड़ा संदेश गया है। सीओ प्रशांत कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात मुस्तैद रहता है और सत्यापन की यह प्रक्रिया पूरी तरह से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जाने वाली एक नियमित एवं अनिवार्य कानूनी कार्रवाई है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यदि कोई भी व्यक्ति खाकी पर हाथ डालने या पुलिस के साथ अभद्रता करने की हिमाकत करेगा, तो उसके विरुद्ध ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी जो दूसरों के लिए नजीर बनेगी। जनता ने भी सीओ प्रशांत कुमार की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जमकर सराहना की है, क्योंकि खाकी की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि काशीपुर में सिर्फ और सिर्फ कानून का राज चलेगा और किसी भी उपद्रवी को पुलिस के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
