साइबर ठगी से सावधान,नशे को कहें ना और यातायात नियमों का करें सम्मान-पाबों पॉलिटेक्निक में पुलिस ने विद्यार्थियों को किया जागरूक

श्रीनगर गढ़वाल। सुरक्षित रहें,सजग रहें,नशे को कहें ना,साइबर फ्रॉड से रहें सावधान और यातायात नियमों का करें सम्मान-इसी संदेश के साथ राजकीय पॉलिटेक्निक पाबों में पुलिस की ओर से विद्यार्थियों एवं स्टाफ के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को साइबर अपराध से बचाव,नशे के दुष्प्रभाव,यातायात नियमों के पालन तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल के आदेशों एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों के क्रम में 17 अगस्त 2026 को प्रभारी पुलिस चौकी पाबों उपनिरीक्षक मुकेश गैरोला के नेतृत्व में पुलिस टीम राजकीय पॉलिटेक्निक पाबों पहुंची। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं संस्थान के स्टाफ को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया गया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी विभिन्न माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। अनजान वीडियो कॉल,ऑडियो कॉल,फर्जी कॉल,लॉटरी जीतने के संदेश,ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से मिलने वाले लालच तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक से विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। विद्यार्थियों को व्हाट्सएप,इंस्टाग्राम,फेसबुक,यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी,पासवर्ड,ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साइबर अपराध की स्थिति में टोल फ्री नंबर 1930 तथा आपात स्थिति में 112 पर सूचना देने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में व्हाट्सएप अथवा अन्य माध्यमों से आने वाली संदिग्ध ऑडियो कॉल,वीडियो कॉल और फर्जी कॉल के प्रति भी विद्यार्थियों को सावधान किया गया। पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करने और आवश्यक होने पर संबंधित शिकायत प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। इसके साथ ही वर्तमान दौर में तेजी से बढ़ते एआई आधारित एप्लीकेशन और डिजिटल तकनीक के सही उपयोग तथा इनके संभावित दुरुपयोग से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। युवाओं से तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान,शिक्षा और सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने का आह्वान किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में उत्तराखंड पुलिस के नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को लेकर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने भांग की खेती तथा स्मैक,चरस,हेरोइन,अफीम सहित अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से दूर रहने का आह्वान किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं भविष्य को बर्बाद करता है,बल्कि परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशा तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई। पुलिस टीम ने उत्तराखंड सरकार की इनाम योजना के संबंध में जानकारी देते हुए नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की सूचना संबंधित टोल फ्री नंबरों 0135-2656202 एवं 9412029536 पर देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में यातायात नियमों को लेकर भी विद्यार्थियों एवं स्टाफ को जागरूक किया गया। पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। हेलमेट पहनना,निर्धारित गति सीमा का पालन करना,वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करना तथा यातायात संकेतों का सम्मान करना सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। राजकीय पॉलिटेक्निक पाबों में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को बदलते डिजिटल परिवेश,बढ़ते नशे के खतरे और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जोड़ने की दिशा में उपयोगी पहल साबित हुआ। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सतर्क,जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मूल संदेश स्पष्ट रहा कि साइबर अपराध से बचाव में सतर्कता,नशे के खिलाफ जागरूकता और सड़क पर अनुशासन ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव है। विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने भी इन संदेशों को अपने व्यवहार में उतारने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
