Wednesday 19/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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गौ सेवा,संस्कार और सनातन चेतना का संगम बनी श्रीनगर की छठवें दिवसीय श्रीराम कथा


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में आयोजित छठवें दिवसीय श्रीराम कथा एवं धेनु मानस गौ कथा श्रद्धा,भक्ति और सनातन चेतना का अनुपम संगम बनी हुई है। सराफा धर्मशाला श्रीनगर में सजे भव्य कथा पंडाल में व्यास पीठ पर विराजमान कथा व्यास गोपालमणि महाराज ने गोमाता की महिमा,गौ सेवा के आध्यात्मिक महत्व तथा भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म,संस्कार और सेवा का संदेश दिया। कथा के दौरान गोपालमणि महाराज ने कहा कि गोमाता केवल एक पशु नहीं,बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति की प्राणधारा और हमारी धार्मिक परंपराओं की आधारशिला हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने तथा सामर्थ्य के अनुसार गौ संरक्षण एवं गौशालाओं के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। कथा के छठे एवं अंतिम दिवस पर व्यास पीठ से कथा के महात्म्य,गौ सेवा के व्यावहारिक संकल्प और पूर्णाहुति के आध्यात्मिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया। कथा व्यास ने कहा कि धार्मिक कथा का वास्तविक उद्देश्य केवल श्रवण तक सीमित नहीं है,बल्कि कथा से प्राप्त संदेश को जीवन में उतारना ही सच्ची साधना है। उन्होंने श्रद्धालुओं को गौ सेवा,जीव दया,संस्कारों के संरक्षण और समाज में सेवा भावना को मजबूत करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि अहंकार का त्याग कर सेवा,करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलना ही सनातन जीवन पद्धति की वास्तविक भावना है। गोमाता की सेवा को भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा बताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों,संस्कारों और संस्कृति से जोड़ना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है। कथा में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण की लीलाओं,गौ महिमा और सनातन जीवन मूल्यों से जुड़े प्रेरक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रवचन श्रवण किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। वातावरण में भक्ति,श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार दिखाई दिया। कथा के आयोजन में भारतीय गौ क्रांति मंच की अध्यक्ष मंजू मैठाणी एवं महासचिव राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल सहित पंडित इंद्रमणि नौटियाल,आचार्य कुशलानंद कंसवाल,महावीर खडुरी,मनीष भट्ट,राजेंद्र भट्ट,अमित खडुरी,प्रचारक कमल किशोर भट्ट,दिनेश उनियाल,आचार्य गोपाल रतूड़ी एवं अमन रतूड़ी,विशेष सहयोगी कलम सिंह सहित अनेक श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी लोगों का विशेष सहयोग रहा। छठवें दिवसीय कथा के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने कथा व्यास गोपालमणि महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन ने श्रीनगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को नई ऊर्जा देते हुए गौ सेवा,संस्कार संरक्षण,जीव दया और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।