सीएमओ ने तीन विकासखंडों की स्वास्थ्य इकाइयों का लिया जायजा,व्यवस्थाओं में खामी पर दिए सुधार के निर्देश

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय क्षेत्रों में आमजन को समय पर बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने शनिवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड जयहरीखाल,रिखणीखाल और नैनीडांडा क्षेत्र की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपातकालीन सेवाओं,प्रसव कक्ष,लेबर रूम,औषधि भंडार,साफ-सफाई व्यवस्था तथा निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने रिखणीखाल स्थित बीपीएचयू सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में तैनात समस्त स्टाफ निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहे और मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी कक्ष एवं इमरजेंसी सेवाओं की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए इन्हें सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही लेबर रूम में प्रसव से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं,उपकरणों एवं सुविधाओं की उपलब्धता भी परखी। उन्होंने चिकित्सालयों में उपचार एवं शल्य चिकित्सा आदि में उपयोग होने वाले सर्जिकल उपकरणों को प्रतिदिन नियमानुसार स्टेरलाइज करने के निर्देश दिए,ताकि संक्रमण की आशंका को न्यूनतम किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिलाधिकारी गढ़वाल के निर्देशों के क्रम में पीएचसी धुमाकोट में हुए निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता,प्रगति एवं मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सीएमओ डॉ.मेघना असवाल ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित एवं बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलना आवश्यक है। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं को पूरी तत्परता के साथ संचालित करने तथा जरूरतमंद मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रसव केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही एचपीवी टीकाकरण अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा। सभी एएनएम को परिवार नियोजन सेवाओं के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। रिखणीखाल में सीएमओ ने चिकित्सालय में उपचार एवं प्रसव सेवाएं प्राप्त कर रही प्रसूता से सीधे बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं का फीडबैक लिया। प्रसूता ने चिकित्सालय में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया। सीएमओ ने कहा कि मरीजों से मिलने वाला फीडबैक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान औषधि भंडार का भी जायजा लिया गया। सीएमओ ने दवाओं के उचित रख-रखाव एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से डेंगू,मलेरिया,वायरल फीवर तथा अन्य मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक औषधियों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने को कहा,ताकि बीमारी के बढ़ते मामलों की स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें,बल्कि उनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंचना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है,इसलिए प्रत्येक चिकित्सालय में आवश्यक सेवाएं व्यवस्थित,प्रभावी और समयबद्ध रूप से संचालित की जाएं। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सौरभ बौंठियाल,जिला कंसलटेंट एनसीडी श्वेता गुसाईं,कनिष्ठ अभियंता आयुष,कनिष्ठ सहायक अंकित भट्ट,विकास नेगी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
