भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी – लेनिनवादी) ने अंकिता हत्याकांड के आरोपी भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने पर आक्रोश व्यक्त किया।

 

 

 

 

प्रेस को जारी बयान में भाकपा(माले) जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के जिस वीआईपी नेता पर यह आरोप है कि उस नेता की हवस पूरी करने के लिए अंकिता भंडारी से स्पेशल सर्विस देने के लिए दवाब डाला गया और अंकिता के द्वारा मना करने पर उसकी हत्या कर दी गई, उसी वीआईपी को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया। इससे इस बात की संभावना और बढ़ गई है कि संवैधानिक और शक्तिशाली पद पर बैठकर वह अन्य महिलाओं का भी शोषण करेगा। इससे भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि अंकिता के मां –बाप इस बात से नाराज होकर जब दिल्ली में धरने पर बैठे तो सुबह 4 बजे उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

इन सब घटनाओं से भाजपा का महिला विरोधी और फासीवादी चेहरा स्पष्ट हो जाता है। भाजपा का हमेशा से ही चरित्र रहा है कि वह अपने उन नेताओं को हमेशा आगे बढ़ाती है जिन पर यौन शोषण का आरोप लगता है। चाहे बृजभूषण द्वारा महिला पहलवानों के यौन शोषण का मामला हो, बिलकिस बानो के बलात्कारियों को फुलमाला पहनाने का मामला हो, भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का मामला हो, आशाराम और रामरहीम का मामला हो या , कठुआ में बलात्कारियों के पक्ष में तिरंगा यात्रा निकालने का मामला हो, आई आई टी बी एच यू में छात्रा से बलात्कार करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं से 2 महीनों तक चुनाव कराने का मामला हो या फिर अंकिता हत्याकांड में नाम आने वाले भाजपा के वी आई पी नेता अजय कुमार को राजस्थान संगठन मंत्री बनाने व दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त करने का मामला , सभी में भाजपा अपनी महिला विरोधी छवि को और मजबूत कर रही है। जिस कारण हर छोटा अपराधी भी अपराध करने के बाद भाजपा से जुड़ा होने की धमकी पीड़ितों को देने लगता है। भाजपा द्वारा अपराधियों को लगातार बचाने और सता के शीर्ष पर पहुंचाने के कारण समाज में महिला विरोधी संस्कृति मजबूत हो रही है और अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है।

भाकपा (माले) ने दुष्यन्त गौतम की राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

 

 

ललित मटियाली