डोईवाला/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण संकल्प नव्य और भव्य भारत के निर्माण की संकल्पना को साकार करने में आदर्श संस्कृत ग्राम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे,और यहीं से भारत के विश्व गुरु होने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह कहना है संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक आचार्य डॉ.चंडी प्रसाद घिल्डियाल का वह आज डोईवाला विकासखंड के रानी पोखरी भोगपुर गांव को शासन द्वारा आदर्श संस्कृत ग्राम घोषित किए जाने के बाद आदर्श संस्कृत ग्राम समिति के गठन की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे,उन्होंने कहा कि नव्य और भव्य भारत की नींव रखने से पहले भारत को सभ्य बनाना होगा और सभ्य भारत के लिए सभ्यता और संस्कृति का विकास आवश्यक है,और इसका रास्ता संस्कृत भाषा के विकास से होकर ही गुजरता है। आदर्श संस्कृत ग्राम समिति का गठन करते हुए सहायक निदेशक ने कहा कि वह स्वयं इस समिति के अध्यक्ष होंगे तथा अखंड वेदांत संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ.गंगा प्रसाद जोशी सचिव होंगे,जबकि आचार्य विजेंद्र प्रकाश जोशी को संयोजक तथा पंडित अरुणदीप पंत को ग्रामीणों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। समिति में ग्राम प्रधान संजीव नेगी,क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहित राणा सविता को अनुसूचित जाति महिला सदस्य तथा जगदीश सिंह को अनुसूचित जाति पुरुष सदस्य एवं ओम प्रकाश और सुलेमान को अन्य पिछड़ा वर्ग तथा भूतपूर्व ग्राम प्रधान शाहिद अली को अल्पसंख्यक वर्ग से विशेष आमंत्रित सदस्य रखा गया है। डॉ.घिल्डियाल ने कहा कि श्री गुरु राम राय इंटरमीडिएट कॉलेज भोगपुर के प्रधानाचार्य डॉ.संजय कोठारी को संस्कृत संभाषण शिविर के प्रशिक्षण हेतु नोडल रखा जाएगा नोडल अधिकारी एवं समिति के सचिव दोनों प्रधानाचार्य उन्हें समय पर संभाषण शिविर के सही चलने की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे उन्होंने कहा कि सचिव संस्कृत शिक्षा का निर्देश है,कि मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के द्वारा आदर्श संस्कृत ग्रामों का विधिवत उद्घाटन कराया जाएगा।
नव्य और भव्य भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे संस्कृत ग्राम–डॉ.घिल्डियाल
