मसूरी में ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र (मरणोपरांत) को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने से खुषी की लहर



उत्तराखण्ड की तीन हस्तियों को पद्मश्री सम्मान मिला है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड की राधा भट्ट को सामाजिक कार्य, ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र (मरणोपरांत) को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया। प्रदेश की तीन हस्तियों को पद्मश्री सम्मान मिलने पर तमाम लोगों ने खुशी जाहिर की है। वही मसूरी के निवासी ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र को पदमश्री सम्मान मिलने के बाद खुषी का महौल है मसूरी पालिकाध्यक्ष मीरा सक्कलानी ने ह्यूग गैंट्ज़र को मुबारकबाद दी वही मसूरी नगर पालिका की सभासद जसबीर कौर अपने कार्यकर्ताओं के साथ ह्यूग गैंट्ज़र के घर पहुची और ह्यूग गैंट्ज़र को पुश्पगुच्छ देकर सम्मानित किया वह इस मौके पर केक काट का खुषिया मनाई। इस मौके पर ह्यूग गैंट्ज़र ने अपनी पत्नी कोलीन गैंट्ज़र को याद कर भावुक हो गए। बता दे ह्यूग गैंट्ज़र व उनकी पत्नी स्व. कोलीन गैंट्ज़र की उत्तराखंड के प्रसिद्ध यात्रा वृतांत लेखक के तौर पर पहचान है। ह्यूग भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं और कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए। भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के उपरांत ह्यूग व उनकी पत्नी ने यात्रा वृतांत लेखन की विशिष्ट शैली की शुरुआत की। उन्होंने 3,000 से अधिक लेख, कॉलम और पत्रिका फीचर्स लिखे हैं और 30 से अधिक पुस्तकें लिखी। सभासद जसबीर कौर ने बताया कि ह्यूग गैंट्ज़र 95 वर्श के हो गए है ओर पदमश्री सम्मान पाकर काफी खुष है। उन्होने कहा कि ह्यूग गैंट्ज़र मसूरी को लेकर काफी चिंतिंत है।उन्होने कहा कि मसूरी के विकास को लेकर सभी लोगो को मिलकर कार्य करना चाहिये वह गलत कार्यो का विरोध भी होना चाहिये। उन्होने कहा कि गांधी जी द्वारा भी अकेले ही भारत देष को आजाद कराने की मुहिम को छेडा था और देष को आजाद कराया था इसलिये किसी भी मुहिम को षुरू करने के लिये भींड की जरूरत नही होती है उसके लिये इच्छा षक्ति से साथ सकारत्मक उदेष्य होना चाहिये।