मसूरी स्मोकिंग-फ्री पूर्व में हुआ घोषित, कोटपा 2003 अधिनियम को लेकर जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन



मसूरी के एक होटल के सभागार में मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा आयोजित उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। बता दे कि मसूरी पूर्व में “स्मोकिंग-फ्री टूरिस्ट डेस्टिनेशन” घोषित किया जा चुका है जिसको धरातल पर उतारने के लिये स्वास्थ्य विभाग की कार्य योजना तैयार की है। 5 जून को जिलाधिकारी के अध्यक्षता में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 के साथ मसूरी में अधिनियम को सख्ती से लागू करने के लिये कार्य योजना बनाई जायेगी। जिसके बाद मसूरी और आसपास के क्षेत्र में कोटपा को सख्ती से लागू करने के साथ उसको उल्लंघन करने वालो पर कार्यवाही भी अमल में लाई जायेगी।
स्वास्थ्य विभाग की जिला सलाहकार अर्चना उनियाल ने बताया कि उनकी टीम के द्वारा शहर के विभिन्न बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, स्कूलों और पर्यटक स्थलों पर जाकर लोगों को कोटपा 2003 की धाराओं की जानकारी दी जा रही है। धारा 4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषिद्ध होने की जानकारी दी गई।धारा 6(ं) और 6(इ) के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना व शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर बिक्री को अपराध बताया गया। उन्होने कहा कि कानून का कड़ाई से पालन कर मसूरी को पूरी तरह से धूम्रपान मुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। यह न केवल पर्यटकों की सुविधा के लिए जरूरी है, बल्कि स्थानीय नागरिकों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। सभी होटलों, रेस्टोरेंट्स, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर नो स्माकिंग जोन के बोर्ड लगाए जाएंगे।धूम्रपान करते पकड़े जाने पर ₹200 से ₹500 तक का जुर्माना लगाया जाएगा।तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों का पंजीकरण और निगरानी की जाएगी।नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा नियमित निरीक्षण और औचक छापेमारी की जाएगी। उन्होने कहा कि अभिभावकों को भी जागरूक करने के लिए विशेष सेमिनार और संवाद कार्यक्रम रखे जा रहे हैं।
मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल और महामंत्री जगजीत कुकरेजा ने कहा कि कानून को सफल बनाने में जनता का सहयोग सबसे जरूरी है। यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करता दिखाई दे, तो नागरिक उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।वहहेल्पलाइन नंबर 1800-110-456 में भी शिकायत दर्ज करा सकते है। इससे व्यापारियों को समझना होगा वहीं हर वह दुकानदार जो तंबाकू के उत्पाद बेचता है उनकी दुकान पर चेतावनी वाला बोर्ड लगाना अनिवार्य है। इस मौके पर मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डा. अनुराधा, सामाजिक कार्यकर्ता रेखा उनियाल, डीईओ अनुराग उनियाल, डिवीजन कोऑर्डिनेटर बालाजी सेवा संस्थान अजीत सिंह जस्सर, धनप्रकाश अग्रवाल, सलीम अहमद, चिरजीव जोशी, गुड मोहन राणा, उज्जवल नेगी, राजेश शर्मा, सहित व्यापारी मौजूद रहे।