Tuesday 22/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
जिला विधिक सेवा प्राधिकारण उद्यम सिंह नगर माननीय सचिव ममता पंत, के आदेशानुसार आदेश संख्या-56/2026-27 के तत्वावधान पर, एक संयुक्त कैंप का आयोजन रामस्वरूप भगत उच्चतर मध्यमिक विद्यालय मुडे़ली प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में किया गया मंच का संचालन पैरालीगल वॉलीन्टर गीता शर्मा द्वारा छात्र-छात्राओं को विधिक नीशुल्क सुविधाओं की जानकारी दी गई और विमला मुडे़ली के, द्वारा,छात्र-छात्राओं को अन्य जानकारीयो से जागरूक किया गया विषय- नालसा और सालसा, की वीभिन्न योजनाओं और अपराधों के लिए, न्यूनातम मुआवजा राशि के प्रावधान हैं जैसे,एसिड अटैक, मानव तस्कारी,समूहिक बलात्कार, मानव तस्कारी, नाबालिक बच्चों का यौन उत्पीड़न, घरेलु हिंसा साइबर क्राइम, सड़क सुरक्षा के नियमों और हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी दी गई और साथ ही बताया सिविल कोर्ट खटीमा में हर 3 महीने बाद राष्ट्रीय लोक अदालत, का आयोजन किया जाता हैं, जिला विधिक सेवा प्राधिकारण उधम सिंह नगर में स्थाई लोक अदालत है जो राविवर सेकंड सैटरडे को बंद रहती है ,इसे परमानेट लोक अदालत मैं अन्य केसों का निसतारण कर फैसला करा दिया जाता हैं,, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर – 1098 छात्र छात्राओं को बताकर विधिक नीशुल्क सुविधाओं ग्रामीण विधिक सेवा सहायता केंद्रों की जानकारी देकर नालसा टोल न०-15100 इतयादि की विधिक, सुविधाओं की जानकारी से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया पैरालीगल बाॅलियंटर, की उपस्थिति संख्या-टीम नंबर -36 से गीता शर्मा टीम नंबर- 41 से विमला मुडेला , माया देवी, ठगो देवी प्रभु दयाल, विधिक शिविर कैंप में उपस्थित रहे ।सितारगंज रामलीला कमेटी के पदाधिकारीयों ने उठाया ध्वज पताका पूरे विधि विधान से किया गया पूजन🔶 नगर पालिका निर्वाचन (किच्छा एवं सिरौलीकलां) को लेकर एसएसपी अजय गणपति ने किया स्ट्रांग रूम का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा।उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने आज सितारगंज स्वास्थ्य केंद्र में साप्ताहिक हड़ताल के तहत धरना किया और आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित कई मांगों उठाई इस दौरान यूनियन की जिला उपसचिव अनिता अन्ना ने कहा कि भाजपा सरकार आशाओं के श्रम का लगातार शोषण कर रही है. उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशाओं को न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और ना ही सरकार द्वारा लागू न्यूनतम वेतन मिलता है। जो कि बिल्कुल अनुचित और अन्यायपूर्ण है। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि आशाओं को स्वास्थ्य विभाग व बाहरी विभाग के भी कई कमीशन आधारित काम सौंप दिए जाते हैं। उस पर भी जब एकमुश्त राशि बनती है तो कई जगह विभाग के अधिकारी कमीशन मांग लेते हैं उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ऐक्टू के नेतृत्व में 22 नवंबर को देहरादून कूच करेंगे और अपने हक अधिकार की मांग को बुलंद करेंगे। प्रदेश की हजारों आशा वर्कर्स इस आंदोलन में भाग लेंगी ब्लॉक महामंत्री शर्मिन सिद्दकी ने कहा कि हमारी मांग है कि 2021 में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वायदे को पूरा सरकार पूरा करे, आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दे, न्यूतम वेतन लागू करे, सेवानिवृत्ति के बाद अनिवार्य पेंशन लागू करे, आशाओं के श्रम की राशि का भुगतान हर माह करे, ट्रेनिंग व पल्स पोलियो अभियान की राशि 500 रुपए प्रतिदिन करे, आशाओं के साथ विभागीय अधिकारियों का सम्मानपूर्वक व्यवहार करने की गारंटी हो, हर अस्पताल में आशा घर का निर्माण करने व अस्पतालों में डॉक्टर व स्टाफ की कमी को दूर किया जाए, मनमाने तरीके से आशाओं की छटनी रोकने की है धरने में जिला उप सचिव अनीता अन्ना, ब्लॉक महामंत्री शर्मिन सिद्दकी, भावना बिष्ट, यशोदा देवी मोहनी, इंद्रावती, हेमंती नेगी, खुशनुमा , पूनम शर्मा, अनीता बोरा, ममता शर्मा, संगीता, प्रेमा देवी, फूलादेवी, मंजीत कौर, रहीमा, शबनम, कुलदीप कौर, मीना देवी,अंगूरी देवी, सफ़ीना, भागीरथी, रबीना, देवी, मोबिना, कंचन गुप्ता, पुष्पा देवी, मंजीत, निर्वेश कुमारी,मीना,विजेता देवी, सीता देवी, दुर्गा देवी, सबीना, रीना देवी, लीलावती, कमला देवी, सरोजनी, ज्योति, सच्ची, सरिता, मीना देवी, विमला कौर, विजयवती, निर्मला देवी, व अन्य आशाएं शामिल थी।राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण समिति की बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई सम्पन्नआज मजदूर सत्याग्रह का सातवां (7)दिन है ऐरा श्रमिक संगठन के महिला मजदूरों और बच्चों सहित सत्याग्रह पर कम्पनी गेट पर उपस्थित है कंपनी प्रबंधन 16 तारीख से हमें कंपनी गेट से हटाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं लेकिन वह किसी भी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं इस प्रयास में कंपनी प्रबंध के आज रुद्रपुर सिविल कोर्ट में प्रस्तुत हुए और सिविल कोर्ट द्वारा अगली डेट 15 अक्टूबर को दे दी गई16 सितंबर को अपेक्स बिल्डर लिमिटेड कम्पनी में हुई वार्ता को लेकर AlC महोदय जी द्वारा दिया गया आश्वासन की 28 सितम्बर को जिला प्रशासन में वार्ता होगी लेकिन आज तक कोई भी सूचना लिखित में नहीं दिया गया इसको लेकर आज ऐरा श्रमिक संगठन के मजदूर ALC महोदय रुद्रपुर से मिलने गये लिकिन ALC महोदय किच्छा होने की सूचना दी गई 17 सितंबर से लगातार ALC महोदय रुद्रपुर से मिलने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मिलना मुश्किल हो रहा हैयह कि जिला प्रशासन को यह भलीभांति विदित है की एन सी एल टी की दिल्ली शाखा के निर्देशन में अपेक्स बिल्डसिस लिमिटेड, सेक्टर -09,सिडकुल पंतनगर की नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न हुई। जिसके तहत कम्पनी के स्वामित्व और प्रबंधन को समस्त श्रमिकों और कर्मचारियों सहित जसमृत डिजाइनर को हस्तगत किया गया।जिससे पूर्ण सहमति ब्यक्त करते हुए जसमृत डिजाइनर के स्वामी द्वारा एन सी एल के समक्ष लिखित हलफनामा / शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए उक्त नीलामी प्रक्रिया में वर्णित सभी शर्तों को स्वीकार करने की प्रतिबद्धता ब्यक्त करते हुए उक्त कारखाने के स्वामित्व और प्रबंधन को ग्रहण किया।किन्तु श्रमिकों की आज तक कार्यबहाली नहीं की गईं है। जिसके पश्चात् प्रार्थी यूनियन द्वारा एन सी एल टी की उच्च शाखा एन सी एल ए टी में रिट / याचिका दायर की। जिस पर एन सी एल ए टी द्वारा स्पष्ट आदेश दिया गया कि एन सी एल ए टी के तहत हुई नीलामी प्रक्रिया में वर्णित सभी शर्ते सभी पक्षों पर बाध्यकारी होंगे। इसके पश्चात् भी कम्पनी प्रबंधन द्वारा कारखाने के 102 स्थाई श्रमिकों की आज तिथि तक भी कार्यबहाली नहीं की गईं है। जो कि उक्त नीलामी प्रक्रिया में वर्णित शर्तों, उक्त के क्रम में एन सी एल टी की डबल बैंच यानि एन सी एल ए टी के उक्त आदेशों का और उक्त के क्रम में नये मालिक द्वारा एन सी एल टी के समक्ष प्रस्तुत अपने ही उक्त हलफनामे /शपथपत्र का घोर उल्लंघन है। घोर छल कपट है।जिससे उक्त 102 श्रमिकों और उनके परिवारों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।शिक्षक भविष्य निर्माता होता है – डॉ स्वामी चंद्रामसूरी शरदोत्सव का न्योता लेकर सीएम धामी से मिले गणेश जोशी और मीरा सकलानीलंबे अंतराल बाद लौट रहा मसूरी का ऐतिहासिक शरदोत्सव, मुख्यमंत्री नेहै आयोजन में पहुंचने का दिया भरोसा पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय बाद होने जा रहे ऐतिहासिक शरदोत्सव 2026 को लेकर शहर में उत्साह बढ़ने लगा है। शरदोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियों के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें शरदोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन में पहुंचने का भरोसा दिया। शरदोत्सव को मसूरी की पुरानी सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़े इस आयोजन की दोबारा शुरुआत से स्थानीय कलाकारों, युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों में उत्साह है। आयोजन के माध्यम से मसूरी की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला और प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी की जा रही है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने मसूरी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से भी उन्हें अवगत कराया। उन्होंने सड़क, पेयजल, पर्यटन विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। हालांकि मुलाकात का प्रमुख केंद्र शरदोत्सव रहा और मुख्यमंत्री को आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। शरदोत्सव के आयोजन को लेकर शहर में विभिन्न समितियों के गठन और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय कलाकारों और अन्य प्रतिभाओं को अवसर देने की तैयारी है। इससे मसूरी के पर्यटन सीजन में भी नई गतिविधियां जुड़ने की उम्मीद है। मुलाकात में सभासद कुशाल सिंह राणा, जसबीर कौर, प्रदेश संस्कृति प्रकोष्ठ संयोजक राजेंद्र रावत, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।मसूरी में रेलवे की जमीन पर कब्जे को लेकर मसूरी झड़ीपानी में कार्रवाई, 31 मकानों पर नोटिस चस्पा संपदा अधिकारी के बेदखली आदेश के बाद उत्तर रेलवे की टीम पहुंची, भारी पुलिस बल रहा तैनात झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर उत्तर रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है। संपदा अधिकारी की अदालत से बेदखली आदेश जारी होने के बाद सोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ झड़ीपानी पहुंची। टीम ने रेलवे की भूमि पर बने 31 मकानों पर नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।उत्तर रेलवे की ओर से जारी संपदा अधिकारी के आदेश के अनुसार झड़ीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल के समीप रेलवे की करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर जगमोहन उर्फ सांझ कैफे पुत्र दर्शन लाल द्वारा अनधिकृत कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार संपदा अधिकारी की अदालत ने पूरे मामले में रेलवे की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और पक्ष को देखने के बाद कब्जे को अनधिकृत माना है। आदेश में प्रतिवादी को 15 दिन के भीतर रेलवे की भूमि से कब्जा हटाकर रेलवे को भूमि सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में रेलवे प्रशासन को नियमानुसार बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करने तथा कार्रवाई में आने वाला खर्च वसूल करने का अधिकार भी दिया गया है।रेलवे ने तीन पुराने विक्रय अभिलेखों का दिया हवालारेलवे की ओर से संपदा अधिकारी की अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि संबंधित भूमि रेलवे की है और इसके समर्थन में रेलवे के पास पुराने विक्रय अभिलेख मौजूद हैं। रेलवे ने अपने जवाब में 21 अप्रैल 1886, 28 दिसंबर 1895 तथा वर्ष 1920-21 के अभिलेखों का हवाला देते हुए भूमि पर रेलवे का अधिकार बताया है। रेलवे का कहना है कि इन दस्तावेजों से संबंधित प्रतियां भी वाद पत्रावली में प्रस्तुत की गई हैं।रेलवे अधिकारियों ने प्रतिवादी के उस दावे को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें भूमि को निजी संपत्ति बताया गया था। रेलवे के अनुसार प्रतिवादी की ओर से भूमि के स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे संबंधित 100 वर्ग मीटर भूमि पर उसका मालिकाना हक साबित हो सके।हाई कोर्ट के आदेश का भी दिया हवालामामले में प्रतिवादी की ओर से वर्ष 1940 के सीमांकन, राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उत्तराखंड हाई कोर्ट में दाखिल रिट याचिकाओं का हवाला दिया गया था। प्रतिवादी ने दावा किया था कि राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई में संबंधित भूमि रेलवे की नहीं पाई गई। वहीं रेलवे ने संपदा अधिकारी की कार्यवाही में कहा कि हाई कोर्ट ने पूर्व में रेलवे की नोटिस संबंधी कार्यवाही को प्रक्रिया संबंधी आधार पर निरस्त किया था, लेकिन रेलवे को कानून के अनुसार कार्रवाई करने से नहीं रोका गया था। इसी आधार पर रेलवे ने संपदा अधिकारी के समक्ष नए सिरे से कार्रवाई की।पुलिस बल की मौजूदगी में चस्पा हुए नोटिससोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों और रेलवे पुलिस की टीम झड़ीपानी पहुंची। कार्रवाई को देखते हुए मसूरी पुलिस की ओर से भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली।आषु षर्मा सिनियर सेक्षन इंजीनियर रेलवे देहरादून ने बताया कि नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई संपदा अधिकारी के आदेश के अनुपालन में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे और स्थानीय लोगों के बीच जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वही स्थानीय लोगों ने कहा वह कई दशकों से यहां पर रह रह है और उनके द्वारा भूमि को खरीद कर मकान बनाया है वह नगर पालिका परिषद में भी दाखिल खारिज हो रखा हे ऐसे में रेलवे के अधिकारी आये दिन रेलवे की संपत्ति बताकर उनके मकानों में नोटिस लगा रहे है जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हा रहा है उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रेलवे बोर्ड से उनकी सम्पति के कागजात दिखाने को कहा गया वह रेलवे के अधिकारी कागज नहीं दिखा रहे है। उन्होंने कहा वह सक्षम न्यायालय में पूरे मामले को लेकर जायेगे। इस मौके पर मसूरी कोतवाल नरेन्द्र सिंह, एसएसआई सतेन्द्र भाटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद था।प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर करनपुर में जलाए हजारों दीप, हलवा प्रसाद का हुआ वितरण

प्रकृति पर्यावरण संस्थान की प्रेरणास्पद पहल दूरस्थ राजकीय इंटर कॉलेज मरखोडा विद्यालय में निःशुल्क 45 बैग किए वितरित

श्रीनगर गढ़वाल। आज 2 जुलाई को जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खण्ड खिर्सू में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मरखोड़ा में आज एक प्रेरणास्पद दृश्य देखने को मिला,जब प्रकृति पर्यावरण संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्कूल बैग,बाग फ्रूटी,बिस्कुट एवं अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक मनोज काला ने किया। इस सामाजिक पहल का नेतृत्व संस्थान के संस्थापक भोपाल सिंह चौधरी ने किया,जबकि संस्था की अध्यक्ष बिना चौधरी की ओर से इस अभियान को सामाजिक समर्पण के भाव से आगे बढ़ाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश पुंडीर ने इस सामाजिक योगदान की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति पर्यावरण संस्थान का यह प्रयास केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है,बल्कि यह उन बच्चों को प्रेरणा देने का कार्य है जो सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे कार्य विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य की ओर अग्रसर होने की ऊर्जा प्रदान करते हैं। संस्था अध्यक्ष भोपाल सिंह चौधरी ने कहा,हमारा उद्देश्य है कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी शिक्षित समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक छोटा सा लेकिन ईमानदार प्रयास है। शिक्षा का उजाला हर गांव तक पहुंचे,यही हमारा संकल्प है। भोपाल सिंह चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने,अनुशासन अपनाने और संघर्ष से घबराने के बजाय उसका सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यालय के दिनों की स्मृतियों को साझा करते हुए बच्चों को बताया कि उन्होंने भी कठिन परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण की,पर निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से सब कुछ संभव हो पाया। उन्होंने कहा,समाज में शिक्षा की जड़ें तभी मजबूत होंगी जब हम जमीनी स्तर पर बच्चों को संसाधन,मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करेंगे। प्रकृति पर्यावरण संस्थान ऐसे प्रयासों को भविष्य में भी निरंतर करता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कुमारी नीलम ने विद्यार्थियों को आध्यात्मिक ज्ञान,ध्यान व आंतरिक शक्ति के विषय में सरल भाषा में समझाया। उन्होंने जीवन के मूल्यों,आत्म-बल,ईश्वर से जुड़ाव की महत्ता पर बल दिया,जिससे बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। अभिभावकों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल बच्चों के लिए उपयोगी हैं,बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणास्पद हैं। कार्यक्रम में सहभागिता ने इसे एक जन-सहभागिता के रूप में परिणत कर दिया,जिससे यह पहल केवल वितरण तक सीमित न रहकर सामाजिक चेतना का रूप लेती दिखी। ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में प्रकृति पर्यावरण संस्थान का यह प्रयास निश्चित ही एक उदाहरण प्रस्तुत करता है और यह साबित करता है कि जब समाजसेवी संगठन,विद्यालय और समुदाय मिलकर कार्य करें,तो कोई भी बाधा शिक्षा के मार्ग को नहीं रोक सकती। विद्यालय प्रबंधन ने भोपाल सिंह चौधरी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र,स्मृति चिन्ह और शॉल भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान मरखोडा ग्राम सभा प्रधान मनीषा बहुगुणा,सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी,पीटीए अध्यक्ष गबर सिंह भण्डारी, विद्यालय के अध्यापक गण दुर्गेश बड़थ्वाल,नवीन रतूड़ी,अनिल थपलियाल,सुनील बहुगुणा,बबीता भूषण,मिनाक्षी पंवार,रमा चमोली,दुर्गेश शर्मा,नरेंद्र कोठारी,अरुण नौटियाल,रविन्द्र बड़थ्वाल,विद्यालय स्टाफ,अभिभावकगण,ग्राम पंचायत मरखोडा व क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।