Friday 11/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
नानकमत्ता हाईस्कूल को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने की मांग, ग्रामीणों का सांकेतिक धरनादिल्ली पब्लिक स्कूल हरिद्वार का तीन दिवसीय गोल्डन जुबली समारोह भव्यता गरिमा दिव्यता के साथ शुरू,मुख्य अतिथि डीपीएस सोसाइटी के चेयरमैन पूर्व आईएएस अधिकारी वी. के. शुंगलू ने दीप प्रज्वलन कर किया उद्घाटन,ज्ञान को बढ़ाकर समाज में व्याप्त चुनौतियों का सामना करें- शुंगलूडीपीएस रानीपुर के प्रधानाचार्य डॉक्टर अनुपम जग्गा की सभी अतिथियों ने की मुक्त कंठ प्रशंसा,सितारगंज पर्वतीय रामलीला की तैयारियों को लेकर समिति की बैठक संपन्न, रूपरेखा तैयारसितम्बर 2026 को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस अवसर पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुद्रपुर उधम सिंह नगर में डॉ० एस० के० गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी उधम सिंह नगर महोदय की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सामूहिक शपथ ली गयी । इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी उधमसिंह नगर द्वारा समस्त अधिकारी एवं कार्मिकों को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के संबध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी I इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. पी. सिंह, डॉ. एस. पी. सिंह, डॉ. पी. डी. गुप्ता, डॉ. सुधीर गुप्ता, डॉ. रविंद्र पाल सिंह, डी. पी. एम. हिमांशु मस्यूनी, चाँद मियां, डॉ. संतोष पाण्डेय, समेत सभी अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।प्रेस नोट 2:- उपरोक्त के अतरिक्त डॉ० ईश कुमार (साइकेट्रिस्ट). जिला चिकित्सालय रुद्रपुर द्वारा सरदार भगत सिंह गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज रुद्रपुर उधमस सिंह नगर में विशेष स्वास्थ्य शिविर एव गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे आत्महत्या के जोखिम कारकों में मानसिक विकार, न्यूरोडेवलपमेंटल विकार, शारीरिक विकार और मादक द्रव्यों का सेवन बारे में विशेष जानकारी दी गयी एव आत्महत्या से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी I डॉ० ईश कुमार (साइकेट्रिस्ट). द्वारा बताया गया कि आत्महत्या के प्रमुख कारण मानसिक तनाव, सामाजिक कारण, रिश्तों की समस्या एवं वित्तीय समस्या है I मानसिक तनाव/ तनाव होने के मुख्य कारण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी एवं तनाव से बचाव एवं तनाव से होने वाले रोगों की जानकारी देते हुए निदान के बारे तथा मानसिक तनाव से सामाजिक, आर्थिक वयवहारिक अन्य रूप से होने वाले क्षति के बारे में जानकारी दी गयी Iउक्त गोष्ठी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नवीन चन्द्र लोहानी द्वारा विस्तारपूर्वक छात्र/छात्राओं को आत्महत्या रोकथाम से सम्बंधित जानकारी प्रदान की गयी साथ ही नशे से होने वाले प्रभाव के बारे में जानकारियां दी गयी I गोष्ठी में सरदार भगत सिंह गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज रुद्रपुर उधम सिंह नगर के छात्र/छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया I साथ ही जनपद उधमसिंह नगर में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस अवसर पर शपथ ली गई एवं निकटवर्ती स्कूल/कॉलेजों में छात्र/छात्राओं को आत्महत्या रोकथाम से सम्बंधित जानकारी प्रदान की गयी I साथ ही टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 को सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी शामिल किया गया जिसे प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया ।इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय कुलपति प्रो नवीन चन्द्र लोहानी, प्राचार्य प्रो एन० सिंह सरदार भगत सिंह गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज रुद्रपुर प्रो दीपा वर्मा, डॉ वसुंधरा, SI नीलम मेहरा, डॉ अनीत, उमेश चन्द्र पाल अन्य अधिकारी/ कार्मिक उपस्थित रहे Iनशे में पत्नी और बच्चों से मारपीट करने का आरोप, खटीमा पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तारसैनिक सम्मान समारोह में सैनिक सम्मान समारोह में बीच मंच से बोल पूर्व सैनिक मेरा करो भुगतान139 गोविंद बल्लभ जयंती हर्षोल्लाह के साथ मनाई गईनाबालिक बच्ची के साथ अश्लील और अनुचित हरकत किए जाने पर युवक पर मुकदमा दर्जरिपोर्टर: अज़हर मलिकलोकेशन: काशीपुरराष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ता के घर पी चाय, मंदिर में किए दर्शन; प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज बोलीं- युवाओं और पूर्व सैनिकों से संवाद पर जोरभाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को महापौर ने भेंट किया त्रिशूल

चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार पर दिया विशेष बल

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिला चिकित्सालय पौड़ी की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक आज जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में चिकित्सालय परिसर में आयोजित की गयी। बैठक में चिकित्सालय की व्यवस्थाओं,दवाओं की उपलब्धता,उपकरणों की स्थिति,स्वच्छता एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गहन समीक्षा की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने रेफरल रजिस्टर का निरीक्षण करते हुए रेफरल सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये तथा कहा कि जिला अस्पताल में ही इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जाय,ताकि रेफरल न हो। इसके साथ ही पौड़ी में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों की सूची की भी समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य उपकरणों की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने खराब पड़े वेंटिलेटर और एक्स-रे मशीनों को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिये। ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत हेतु वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया,साथ ही उनके द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध पूर्ण होने तक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलेंडर कार्यरत रहें। बैठक में जिलाधिकारी ने मानव संसाधन की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा कर्मी,कंप्यूटर ऑपरेटर,इलेक्ट्रिशियन,प्लंबर,एक्स-रे तकनीशियन,वाहन चालक और कक्ष सेवक/सेविकाओं की नियुक्ति के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया। साथ ही कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से अतिरिक्त कक्ष सेवक/सेविकाओं को जिला अस्पताल भेजा जायेगा। बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के प्रवेश द्वारों पर नियाॅन लाइट लगाने हेतु डीपीआर तैयार करने और सीसी रोड व इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए शीघ्र प्रस्ताव बनाए जाने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला योजना में आवासीय भवनों के निर्माण,मरम्मत तथा नए अस्पताल भवन के प्रस्ताव शामिल करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी हेतु मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एल डी सेमवाल को सचल चिकित्सा वाहनों के संचालन के लिए बहुउद्देशीय शिविरों का रोस्टर बनाने के निर्देश दिये। साथ ही कैंसर डे केयर सेंटर को जल्द सुचारु रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिये गये। रिपोर्टिंग व्यवस्था पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने टीबी,एनीमिया,इम्यूनाइजेशन के संबंध में नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस की कार्यशीलता की भी समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने जन औषधि केंद्रों की स्थिति पर चर्चा करते हुए निर्देश दिये कि अस्पताल में जितनी भी दवाएं लिखी जाती हैं,उन्हें यहीं से उपलब्ध कराया जाय। साथ ही उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। इसके अलावा उन्होंने आयुष्मान योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु हेल्प डेस्क को प्रशिक्षण देने,आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने और बायोमेट्रिक मशीन क्रय करने के निर्देश भी दिये। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को चिकित्सा सेवाओं में सुधार हेतु सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और प्रस्तावों को समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों की उपस्थिति,मरीजों के प्रति व्यवहार एवं अस्पताल परिसर की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने की आवश्यकता बतायी। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के महिला व पुरुष सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। औषधि भंडार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी आवश्यक व जीवन रक्षक दवाओं को उपलब्ध रखने के निर्देश दिये। मेडिसन ओपीडी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी रजिस्टर का भी अवलोकन किया। पैथोलॉजी कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये कि पैथोलॉजी लैब में उपलब्ध सभी स्वास्थ्य परीक्षणों की सूची तैयार कर प्रवेश द्वार पर चस्पा करवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने क्षय नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण के दौरान उन्होंने तमाम सुविधाओं का जायजा लिया तथा वैकल्पिक वैद्युत व्यवस्था के तौर पर जनरेटर/इनवर्टर की व्यवस्था के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी क्षयरोगियों से प्रत्येक पखवाड़े में संपर्क कर उनकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में विधायक प्रतिनिधि सुभाष रावत,मुख्य कोषाधिकारी गिरीश चंद,एसीएमओ रमेश कुंवर,विनय कुमार त्यागी सहित समिति के सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।