उत्तरकाशी/श्रीनगर गढ़वाल। आज 25 जुलाई 2025 को सुमन साहित्य एवं कला मंच,जिला प्रशासन उत्तरकाशी तथा रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सुमन दिवस पर रमेश कुमार मिनान को श्रीदेव सुमन सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में जैविक खेती,परंपरागत कृषि उत्पादों के संरक्षण और आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास हेतु किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। ग्राम-सैंज,विकास खण्ड भटवाड़ी जनपद उत्तरकाशी निवासी रमेश कुमार मिनान बीते 14 वर्षों से जैविक खेती को समर्पित हैं। उन्होंने अपनी पुश्तैनी भूमि पर रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्त खेती कर बीज से बाजार तक की नीति को व्यवहार में उतारा। अपने खेत को प्रयोगशाला और गोठ को कृषि विद्यालय बनाने की सोच के साथ वे आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। सम्मान पत्र में उनके कार्यों को इन शब्दों में सराहा गया,कुछ कर-गुज़रने की जिद हो तो बंजर भूमि में भी अंकुर फूट सकते हैं। उन्होंने पारंपरिक बीजों,औषधीय पौधों और जैविक उत्पादन के साथ-साथ धान,गेहूं,सोयाबीन,मंडुवा,झंगोर,भट्ट,उड़द,मसूर जैसी और पहाड़ी सब्जी,फसलों को पुनर्जीवित किया है। आज वे कृषि विभाग,वैज्ञानिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर पर्यावरणीय संतुलन और ग्रामीण समृद्धि के लिए कार्य कर रहे हैं। अगर जंगल देवी तो खेत धरती की देवी है और पुनः इन देवीयों की पूजा आवश्यक है। रमेश मिनान ने उत्तरोत्तर जैविक गांव” की अवधारणा को ज़मीन पर उतारते हुए प्राकृतिक खेती का अभियान चलाया है। नर्मदेश्वर ग्राम और मांडों गांव के किसान अब उनके मार्गदर्शन में जैविक और आत्मनिर्भर कृषि की ओर बढ़ रहे हैं। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने उनके समर्पण,नवाचार और ग्रामीण जागरूकता प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कुछ कर गुजरने की हो भावना,तो कोई सीमाएं नहीं बाधाएं। असंभव कुछ नहीं धर पर,बस परिश्रमी प्रयोगधर्मी किसान चाहिए। समापन वाक्य-पग-पग तक दुर्गम को,हो न कठिनाई कोई-विशेष प्रेरणा बनें रमेश,आपदा वाली धरती पर भी विकास की खेती हरी भरी रहे हमेशा।
श्रीदेव सुमन सम्मान से सम्मानित हुए कृषक उद्यमी रमेश कुमार मिनान,उत्तराखंड में जैविक खेती के क्षेत्र में बने प्रेरणा स्रोत
