राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पांच वर्ष पूर्ण-दिल्ली में अखिल भारतीय शिक्षा समागम का भव्य शुभारंभ

दिल्ली/श्रीनगर गढ़वाल। नई दिल्ली में आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS) 2025 का उद्घाटन किया। यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक सम्मेलन है,बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में साझा संकल्प का प्रतीक भी बनकर सामने आया। समागम का उद्देश्य पिछले पांच वर्षों में एनईपी 2020 के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य की रूपरेखा तय करना है। इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी,पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ.सुकांत मजूमदार तथा 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्री भी उपस्थित रहे। समारोह में उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा विभागों के सचिव,सीबीएसई,केवीएस,एनवीएस जैसे स्वायत्त निकायों के प्रतिनिधि,कुलपति,स्टार्टअप संस्थापक,शिक्षाविद,नीति निर्माता और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। अपने संबोधन में धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि एनईपी 2020 केवल शिक्षा सुधार की नीति नहीं,बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय शिक्षा समागम केवल एक सम्मेलन नहीं,यह हमारे साझा सपनों,संकल्पों और प्रयासों का प्रतीक है। आइए,हम सभी पूरे मन से एनईपी 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन में जुट जाएं। केंद्रीय मंत्री ने कक्षाओं से रचनात्मकता की ओर,और सीखने से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी। इस महत्वपूर्ण समागम में उत्तराखण्ड सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने भी सहभागिता की और राज्य में एनईपी के क्रियान्वयन के अनुभव साझा किए। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि नई शिक्षा नीति एक जीवंत दस्तावेज बन चुकी है,जो भारत की भावी पीढ़ी को वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।