डॉ.बीजीआर परिसर में श्रद्धा और प्रेरणा का संगम-स्वतंत्रता सेनानी डॉ.वेजवाड़ा गोपाला रेड्डी की 118 वीं जयंती पर संगोष्ठी व श्रद्धांजलि समारोह आयोजित

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आज 5 अगस्त 2025 को डॉ.बीजीआर परिसर पौड़ी में मंगलवार को भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री,उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल,पौड़ी कमीश्नरी के संस्थापक और बीजीआर परिसर के प्रेरणा स्रोत डॉ.वेजवाड़ा गोपाला रेड्डी की 118 वीं जयंती श्रद्धा और प्रेरणा के वातावरण में हर्षोल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रोफेसर यू.सी.गैरोला द्वारा डॉ.रेड्डी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि से हुआ। तत्पश्चात परिसर के प्रिफर प्रांगण में दीप प्रज्वलन कर एक संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रो.गैरोला ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में डॉ.रेड्डी के महान व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि डॉ.रेड्डी न केवल एक राजनेता थे,बल्कि दूरदृष्टा शिक्षाविद्,कुशल प्रशासक और समाज सुधारक भी थे। उनका जीवन छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। प्रो.गैरोला ने इस सत्र से परिसर में डॉ.बी.गोपाला रेड्डी सर्वोत्तम छात्र पुरस्कार प्रारंभ किए जाने की घोषणा भी की,जिससे छात्रों में उत्कृष्टता और नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से डॉ.रेड्डी के जीवन पर शोधपरक अध्ययन कर युवाओं के बीच उनकी विरासत को प्रसारित करने का अनुरोध किया। संगोष्ठी में विशेषज्ञों की गूंजती आवाजें-संगोष्ठी में प्रो.सुरेश चंद्र गैरोला उप अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने डॉ.रेड्डी के विविध क्षेत्रों में दिए गए योगदान पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर शासन व्यवस्था और शिक्षा के क्षेत्र में उनका प्रभाव आज भी जीवंत है। उनके विचार आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हो चले हैं। रसायन विभागाध्यक्ष प्रो.एम.सी.पुरोहित,वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो.अनूप पांडे तथा लेखाकार सुभाष भट्ट ने भी अपने विचार साझा करते हुए डॉ.रेड्डी को एक युगद्रष्टा और प्रगतिशील विचारक बताया। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ऋत्विक सिंह असवाल,जिनके अथक प्रयासों से परिसर में डॉ.रेड्डी की प्रतिमा स्थापित हो सकी ने भावुक स्वर में कहा यह प्रतिमा केवल एक संरचना नहीं,बल्कि उन मूल्यों और आदर्शों की प्रतीक है,जिन्हें डॉ.रेड्डी ने आजीवन जिया और जनमानस को दिशा दी। डॉ.गौतम कुमार सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए वक्ताओं को मंच प्रदान किया और विचारों की इस श्रृंखला को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। परिसर में छाया श्रद्धा का माहौल कार्यक्रम के अंत में परिसर के समस्त शिक्षकगण,कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने डॉ.रेड्डी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि निवेदित की। संपूर्ण वातावरण राष्ट्रप्रेम,कृतज्ञता और प्रेरणा से ओतप्रोत दिखाई दिया। निष्कर्षत-डॉ.बीजीआर परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का अवसर था,बल्कि युवाओं के समक्ष एक आदर्श व्यक्तित्व की प्रेरणास्पद गाथा प्रस्तुत करने का मंच भी बना। डॉ.वेजवाड़ा गोपाला रेड्डी के विचार और कार्य निश्चित ही भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।