संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन

अर्पण फाउंडेशन और कुमाऊँ केसरी की पहल

समाजसेवी लाल मुहम्मद ने की एम्बुलेंस देने की घोषणा

गदरपुर। गदरपुर क्षेत्र में रविवार को एक प्रेरणादायक और मानवीय पहल के तहत संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, अर्पण फाउंडेशन और प्रमुख हिंदी दैनिक कुमाऊँ केसरी के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुँचाने का प्रयास था,बल्कि सामाजिक सहयोग और सेवा भाव की मिसाल भी पेश करता है।
शिविर का शुभारंभ प्रसिद्ध समाजसेवी लाल मुहम्मद बादशाह ने किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा—
“गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। इस प्रकार के प्रयास समाज में उम्मीद जगाते हैं और लोगों को जोड़ते हैं। मैं ऐसे हर कार्य में अपनी पूरी भागीदारी दूंगा।”
इसी मौके पर लाल मुहम्मद बादशाह ने गदरपुर की जनता के लिए एक एम्बुलेंस देने की घोषणा कर सबको चौंका दिया। यह एम्बुलेंस संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल से संबद्ध होगी और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त शिविर अस्पताल के प्रबंध निदेशक राज कुमार गुंबर ‘टीटू’ ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को उन तक पहुँचाना है,जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से अच्छे उपचार से वंचित रहते हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि—
टीपीए,ईएसआई,आयुष्मान कार्ड,CAPF कार्ड,गोल्डन कार्ड, ESIC कार्ड और अन्य बीमा धारक मरीजों को निःशुल्क इलाज और सभी प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा दी जाएगी।
विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए यह शिविर जीवनदायिनी साबित होगा।
शिविर में आने वाले मरीजों को न केवल परामर्श,बल्कि निःशुल्क दवाइयां और स्वास्थ्य जांच भी प्रदान की गई।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
शिविर में कई अनुभवी और योग्य चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं,जिनमें शामिल थे:
डॉ. सैफआलम–मेडिसिन विशेषज्ञ,जिन्होंने शुगर,ब्लड प्रेशर,थायरॉयड और अन्य आंतरिक रोगों के मरीजों की जांच की और उन्हें उचित इलाज की सलाह दी।
डॉ.सुधा पाटनी,डॉ0 निशा अंसारी – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ,जिन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया और गर्भवती महिलाओं को उचित परामर्श दिया।
डॉ.एम.इमरान –हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ,जिन्होंने पुराने फ्रैक्चर,गठिया,कमर-दर्द और जोड़ दर्द से पीड़ित मरीजों की जांच की।
डॉ. खालिद अंसारी –शिशु रोग विशेषज्ञ,जिन्होंने बच्चों की स्वास्थ्य जांच की और माता-पिता को उनके पोषण और देखभाल के संबंध में जागरूक किया।
शिविर का माहौल और जनसहभागिता- सुबह से ही अस्पताल परिसर और शिविर स्थल पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। महिलाएं,बच्चे, बुजुर्ग और युवा—सभी अपने-अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्थित तरीके से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करवाई।
दूरदराज़ के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग आए। कई लोगों ने बताया कि उनके लिए शहर के बड़े अस्पताल जाना आर्थिक रूप से संभव नहीं था,ऐसे में इस शिविर ने उन्हें राहत दी।
शिविर में आने वाले मरीजों के लिए ब्लड प्रेशर,शुगर,ईसीजी, बोन डेंसिटी और खून की जांच जैसे कई मेडिकल टेस्ट निःशुल्क किए गए। साथ ही,रोग के अनुसार दवाइयां भी वहीं दी गईं, ताकि मरीजों को अलग से खर्च न करना पड़े। अस्पताल की फार्मेसी टीम ने दवाइयां देने के साथ-साथ मरीजों को उनके सेवन का सही तरीका भी समझाया।
इस तरह के शिविर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। गदरपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सीमित होने के कारण कई लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते,जिससे उनकी बीमारियां गंभीर रूप ले लेती हैं।
संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल,अर्पण फाउंडेशन और कुमाऊँ केसरी की संयुक्त पहल ने न केवल मुफ्त इलाज दिया, बल्कि लोगों के मन में यह विश्वास भी जगाया कि समाज में ऐसे लोग और संस्थाएं हैं,जो बिना किसी स्वार्थ के सेवा के लिए तैयार हैं।
शिविर को सफल बनाने में कई समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने योगदान दिया। इस अवसर पर प्रदीप फुटेला,निशांत सिंघल,व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक बेहड, राकेश भुड्डी बंटी,मुकेश पाल,अशोक कुमार,ग्राम प्रधान रिजवान, विपुल डोडा,मनीष शर्मा,यश गुंबर, शाहनूर अली,देवेंद्र सिंघ, नंदिनी भुड्डी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। वहीं पूर्व पालिकाध्यक्ष अंजू भुड्डी ने भी शिविर में पहुंचकर जन मानस के स्वास्थ्य के लिए किए गए आयोजन पर संतोष जताते हुए शिविर की सराहना की और कहा, ऐसे शिविरों का आयोजन किए जाने से आर्थिक रूप से पिछड़े एवं जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिलती है।
शिविर में पहुंचे सभी लोगो ने आयोजन समिति और अस्पताल प्रबंधन के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में ऐसे और शिविर आयोजित करने की उम्मीद जताई।
इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसे एक बार की घटना न मानकर,
इसे स्वास्थ्य सेवा के निरंतर प्रयास में बदलने का संकल्प लिया गया। लाल मुहम्मद बादशाह द्वारा एम्बुलेंस देने की घोषणा ने इस पहल को दीर्घकालिक स्वरूप देने की दिशा में पहला कदम रख दिया है। निःशुल्क चिकित्सा शिविर स्वास्थ्य सेवाओं को जनता के करीब लाने का एक सशक्त उदाहरण है। इसने साबित कर दिया कि जब समाज के विभिन्न वर्ग —अस्पताल, सामाजिक संगठन, और मीडिया —एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।