फिलहाल गंगा का जलस्तर 93.10 मीटर पर बह रहा है, जो चेतावनी स्तर से 10 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि खतरे का निशान 94 मीटर पर है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों में हो रही भारी बारिश का सीधा असर मैदानों में दिखाई देने लगा है, गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है।
निचले इलाकों, खेतों और घरों में पानी भरने की आशंका बढ़ी, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता और दहशत भी बढ़ गई है।
प्रशासन ने गंगा तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की और राहत व बचाव दल को अलर्ट मोड पर रखा है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर पर पूरी नजर रखी जा रही है और डाउनस्ट्रीम बैराजों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है।
हरिद्वार समेत आस-पास के जिलों में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात और बिगाड़े, हालात बेकाबू हुए तो बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है।
