लक्सर क्षेत्र में जलभराव से इस बार गन्ने की फसल को सबसे ज़्यादा नुकसान हो रहा है। करीब 30 हज़ार बीघा गन्ना पानी में डूबा है, जिससे पैदावार लगभग 50% तक घट सकती है। इसके अलावा लगभग 8 हज़ार बीघा धान की फसल भी बुरी तरह प्रभावित है। किसानों का कहना है कि पिछले 10 सालों में इतना जलभराव पहली बार हुआ है।
लक्सर तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए बरसात हर साल मुसीबत लेकर आती है। गंगा और सोलानी नदी के किनारे बसे गांवों में जलभराव आम समस्या है, लेकिन इस बार हालात पहले से कहीं ज़्यादा बिगड़े हुए हैं। किसान रविश कुमार, तेजपाल और महेश चंद्र ने बताया कि हर साल गंगा और सोलानी नदी का पानी खेतों तक पहुंचता है, लेकिन इस बार जितना जलभराव हुआ है उतना पिछले एक दशक में कभी नहीं देखा। करीब 30 हज़ार बीघा गन्ने की फसल पानी में डूबी हुई है और किसानों का कहना है कि इसकी औसत पैदावार आधी रह जाएगी। इसके साथ ही 8 से 10 हज़ार बीघा धान की फसल भी पूरी तरह प्रभावित है, जिसमें भी लगभग 50% नुकसान का अनुमान है।
फिलहाल खेतों में पानी भरा हुआ है। पानी उतरने के बाद ही प्रशासन द्वारा नुकसान का सही आकलन किया जाएगा। आकलन रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और उसके बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी।
