सनातन चेतना का स्वर-सखियों के संग भगवा ध्वजा का आह्वान

श्रीनगर गढ़वाल। सनातन धर्म की रक्षा और हिंदू संस्कृति के गौरव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प जब शब्दों में ढलता है,तो वह कविता रूप में जन-जन को प्रेरित करता है। आर्याव्रत विश्व सनातन विकास परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य,महिला मोर्चा की कवियित्री प्रीति भारती माधव भट्ट ने अपनी रचना के माध्यम से सखियों को सनातन का झंडा उठाने और भगवा ध्वजा के साथ भारत माता के गौरव को चारों दिशाओं में लहराने का आह्वान किया है। उनकी यह रचना केवल कविता नहीं,बल्कि एक धर्म-जागरण का शंखनाद है। सुनो -सुनो सखियों,सनातन का झंडा उठाओ सखियों,भारत को धर्म गुरु का,ताज तुम पहनाओ सखियों,धर्म-ध्वजा और तिरंगा,जब साथ-साथ लहरेगा,भारत माता भी खुश होंगी,और दुश्मन भी सहमेगा। धर्म-ध्वजा की नारा का,आवाज सखी तुम बुलंद करो,सुनो मेरी सारी सखियां,तुम आज भगवा पसंद करो,राम-राम कहते-कहते,अवध में राम आ हीं गये,अब श्याम-श्याम कहो सखियों,अब मथुरा भी भा गये। ध्वजा हमारा सनातन का,हिन्दू अस्तित्व हमारा है,अपने अस्तित्व की रक्षा करने,का अधिकार हमारा है,हम सब सारी सखियां हिन्दू,हिंदुत्व हमारी शान है,सारी बहनें मिल कर के,बचाएं सनातन अभिमान है। धर्म की हानि होने ना देंगे,हम धर्म ध्वजा लहराएंगे,सनातन है हिंदुस्तान का गौरव,ये सबको बतलाएंगे,भारत हो या विश्व हो,सनातन ध्वजा हम फहराएंगे,सनातन है हिंदुस्तान का गौरव,चारो दिशा भगवा लहरायेंगे। यह कविता सनातन की उस चेतना को उजागर करती है,जिसमें नारी शक्ति धर्म की ध्वजवाहक बनकर समाज को जागृत करने का संकल्प लेती है।