श्रीक्षेत्र के पौराणिक गणेश मंदिर में 27 अगस्त से मत्स्य पुराण कथा का शुभारंभ

श्रीनगर गढ़वाल। आध्यात्मिक,धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी श्रीनगर में गणेश जन्मोत्सव का पावन पर्व इस वर्ष भी परंपरा और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। नगर के प्राचीन सिद्धपीठ गणेश मंदिर में इस अवसर पर श्री मत्स्य पुराण एवं गणेश पुराण का मूल पाठ,भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। मत्स्य पुराण कथा का शुभारंभ 27 अगस्त 2025 को प्रातः 9.30 बजे कलश यात्रा से होगा। इसके उपरांत आचार्य मधुसूदन घिल्डियाल के पावन मुखारविंद से प्रतिदिन शाम 3.30 बजे से 6.30 बजे तक मत्स्य पुराण कथा प्रवचन होंगे,जो 6 सितंबर 2025 तक चलेंगे। इस आयोजन के लिए मंदिर समिति और नगरवासी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ तैयारियों में जुटे हैं। मत्स्य पुराण अठारह प्रमुख पुराणों में से एक है,इसमें सृष्टि की उत्पत्ति,धर्म,कर्म,तीर्थ,दान और मोक्ष का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसमें भगवान विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्य अवतार की कथा विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि जब प्रलय काल में सारी सृष्टि जलमग्न हो गई थी,तब भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप धारण कर सप्तऋषियों और मनु को वेदों एवं प्राणियों की रक्षा हेतु नौका पर सुरक्षित किया। यही कथा हमें यह संदेश देती है कि जब भी सृष्टि या जीवन संकट में होता है,तब ईश्वर स्वयं उसकी रक्षा के लिए अवतार धारण करते हैं। मत्स्य पुराण में गणेश महिमा,तीर्थ महत्व,मंदिर निर्माण,व्रत-उपवास और जीवन में धर्म आचरण की मर्यादा का भी विस्तार से उल्लेख है। इस कथा का श्रवण करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं,पुण्य की वृद्धि होती है और जीवन में शांति व समृद्धि आती है। गढ़वाल की प्राचीन राजधानी श्रीनगर सदियों से शिक्षा,अध्यात्म और संस्कृति का केंद्र रही है। यहां का गणेश मंदिर आस्था का प्रमुख स्थान है,जिसे सिद्धपीठ के रूप में मान्यता प्राप्त है। गणेश जन्मोत्सव पर यहां होने वाले आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी पूरे नगर को एक सूत्र में पिरो देते हैं। गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी रामकृष्ण पाण्डेय ने बताया कि आयोजन में गणेश मंदिर समिति के प्रभात पाण्डेय,मुकेश जोशी,राघवेंद्र जोशी,हरीश मिश्रा,पवन बंसल,नमन चांदना,पदमेन्द्र पाण्डेय,शुभम पडीहार,हिमांशु अग्रवाल,राजेंद्र सिंह कैतुरा,सुरेंद्र चौहान,सागर अग्रवाल,भानेश असवाल,कुशालानंद भट्ट,गोपाल डूडेजा,अनिल अग्रवाल,दिपक उनियाल,अमित असवाल,मनीष बडोनी,संदीप रावत,सुरेंद्र कंडारी,दिपक रावत,रुपेश जोशी,राजीव वर्मा,हरीश पंवार और वरुण कपूर सहित अनेक श्रद्धालु सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। शोभायात्रा के दिन नगर की पावन गलियां गणपति बप्पा मोरया के जयघोषों और लोक संस्कृति की झलक से जीवंत हो उठेंगी। गणेश जन्मोत्सव का यह पर्व धार्मिक आस्था,आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है। गणेश स्तुति का पावन मंत्र-वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभा,निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा। श्रीनगर के कोने-कोने में गूंजेगा और वातावरण को भक्ति व दिव्यता से आलोकित करेगा। भक्तों से निवेदन है कि इस पावन अवसर पर श्रीक्षेत्र श्रीनगर गणेश मंदिर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करें और मत्स्य पुराण कथा का श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक आलोक से भरें।