एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में हुआ निवेशक जागरूकता सेमिनार,विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल द्वारा सोमवार को आयोजित निवेशक जागरूकता सेमिनार छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुआ। इस नये शैक्षणिक सत्र का यह पहला बड़ा आयोजन रहा,जिसमें लगभग 170 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी कर वित्तीय दुनिया की बारीकियों को समझने का अवसर प्राप्त किया। कार्यक्रम के उपरांत सभी प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पूंजी बाजार की कार्यप्रणाली,नियामक ढांचे और निवेशकों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से आमंत्रित मुख्य वक्ता श्रुति शर्मा और पवन कुमार भारद्वाज ने सरल और प्रभावी शैली में छात्रों को पूंजी बाजार,शेयर,म्यूचुअल फंड,बॉन्ड्स एवं अन्य वित्तीय साधनों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने निवेश से जुड़े जोखिमों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार निवेशक बनने का संदेश दिया। कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह भले ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके,लेकिन उनके मार्गदर्शन और सहयोग से आयोजन को विशेष दिशा मिली। पूरे कार्यक्रम का संचालन और समन्वय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एवं प्लेसमेंट सेल के चेयरपर्सन प्रो.राकेश डोडी ने किया। उनकी टीम में प्रो.महेंद्र बाबू कुरवा,डॉ.सुमीत गैरोला,डॉ.राहुल बहुगुणा,डॉ.ज्योति नेगी,डॉ.अनुराग गोयल,डॉ.किरण बाला तथा मैनेजमेंट विभाग के अध्यापकगण शामिल रहे। प्लेसमेंट सेल के संतोष घिल्डियाल ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेमिनार के दौरान विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो.मञ्जुला राणा और प्रो.सती सर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक दौर में वित्तीय साक्षरता प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है। सही जानकारी और सतर्कता से निवेश न केवल व्यक्तिगत जीवन को सुरक्षित बनाता है,बल्कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है,बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में ज्ञानार्जन और अनुभव आवश्यक है। सेमिनार से लौटते हुए विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति आशा स्पष्ट झलक रही थी।