पौराणिक मान्यता के अनुसार चंद राजाओं द्वारा पूजित मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण के लिए कदली वृक्षों को काटकर शोभायात्रा निकाली गयी। इसके बाद नंदा देवी मंदिर में राजवसंजो द्वारा विधि-विधान से पूजन किया जाता है।
आज कदली से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियां बनाकर प्राण प्रतिष्ठा की जायेगी और उन्हें आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु रखा जायेगा। अष्टमी को भक्त मूर्तियों का पूजन करेंगे। इसके बाद 3 सितंबर को मां का डोला नगर भ्रमण कर विसर्जित किया जाएगा।
ऐतिहासिक और धार्मिक नंदा देवी मेला पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हो गया है
