काशीपुर की चामुंडा विहार कॉलोनी में चोरी की बड़ी वारदात… लेकिन इस बार चोरों की किस्मत ने नहीं दिया साथ। पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में केस का खुलासा कर 100% सामान रिकवर कर लिया है। गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी बलदेव सिंह और सुरजीत कुमार पहले से ही कई मामलों में शामिल रह चुके हैं। सवाल अब यह है कि बार-बार जेल जाने के बावजूद क्यों नहीं सुधरते ऐसे शातिर अपराधी? पूरी रिपोर्ट देखिए। रात का अंधेरा… सन्नाटा… और ताले पर पड़े हथौड़े की एक जोरदार चोट…।” काशीपुर की चामुंडा विहार कॉलोनी में यही सीन 22 अगस्त की रात को सामने आया। मौका पाकर चोरों ने मकान का ताला तोड़ा और 21 कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। लेकिन पुलिस की पैनी नजर से बचना इतना आसान नहीं। परिवार जब हैदराबाद गया हुआ था, तभी इन चोरों ने सोचा कि अब यह वारदात उनकी जिंदगी की सबसे सफल चोरी होगी। लेकिन जैसा कहते हैं — “जुर्म कितना भी चालाक हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है।”
जैसे ही मामला थाने पहुँचा, पुलिस की टीम हरकत में आई। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए। संदिग्धों की पहचान की गई और फिर वह वक्त भी आ गया जब कानून के शिकंजे ने चोरों को दबोच लिया। गिरफ्तार हुए बलदेव सिंह और सुरजीत कुमार का आपराधिक इतिहास भी किसी फिल्मी खलनायक से कम नहीं। दोनों पहले भी कई बार चोरी और लूट के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किया गया पूरा माल — जेवरात, मूर्तियाँ, नकदी और अन्य कीमती सामान — बरामद कर 100% रिकवरी कर ली।सोचिए… चोर चाहे कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून की गिरफ्त से बच नहीं पाते। काशीपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक परिवार की उम्मीद लौटाई है बल्कि यह भी साबित किया है कि जुर्म की काली दुनिया में कदम रखने वाले हर शातिर का अंजाम सलाखों के पीछे ही होता है।
काशीपुर में शातिर चोर गिरफ्तार, 100% रिकवरी
