Monday 20/ 07/ 2026 

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उत्तराखण्ड

गढ़वाल विश्वविद्यालय का कुलगीत निर्माण अंतिम चरण में,समिति की महत्वपूर्ण बैठक में तय हुए स्वर और शब्द


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय का बहुप्रतीक्षित कुलगीत अब अपनी पूर्णता के निकट है। विश्वविद्यालय की कुलगीत निर्माण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुई,जिसकी अध्यक्षता समिति के संयोजक प्रो.मोहन सिंह पंवार ने की। बैठक में कुलगीत के शब्द,भाव,लय और संगीत की दिशा में गहन चर्चा के साथ अधिकांश कार्य को अंतिम रूप प्रदान किया गया। प्रो.पंवार ने बैठक के उपरांत जानकारी दी कि समिति के सभी सदस्यों के विचार-विमर्श और सुझावों के उपरांत कुलगीत की शब्द संरचना और भावधारा लगभग निर्धारित कर ली गई है। उन्होंने बताया कि कुलगीत न केवल विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और शैक्षणिक मर्यादा को अभिव्यक्त करता है,बल्कि हिमालयी संस्कृति,प्रकृति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को भी संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि गीत के माध्यम से विश्वविद्यालय की पहचान,उसका आदर्श व दृष्टिकोण जन-जन तक पहुंच सकेगा। बहुत शीघ्र ही ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ की जाएगी। सहसंयोजिका प्रो.गुड्डी बिष्ट ने बताया कि कुलगीत का लेखन कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है और इसे साहित्यिक रूप से अत्यंत संयमित,प्रेरणादायी और विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि गीत की पंक्तियां विश्वविद्यालय की आत्मा को अभिव्यक्त करती हैं और विद्यार्थियों को अपने संस्थान से गहरे भावनात्मक रूप से जोड़ेंगी। समिति के संगीत विशेषज्ञ डॉ.संजय पांडे ने गीत को भावानुरूप धुनबद्ध किया है। उन्होंने बताया कि संगीत में पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम रखा गया है,ताकि गीत में हिमालयी सौंधापन के साथ एक उत्साहजनक ऊर्जा भी महसूस की जा सके। बैठक में समिति के अन्य सम्मानित सदस्य प्रो.मृदुला जुगरान,कवि नीरज नैथानी,महेश डोभाल सहित सभी आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने कुलगीत के अंतिम प्रारूप पर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए और गीत को और अधिक उत्कृष्ट बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य किया। विश्वविद्यालय परिवार में कुलगीत के शीघ्र लोकार्पण को लेकर उत्साह का माहौल है। उम्मीद जताई जा रही है कि कुलगीत विश्वविद्यालय की पहचान बनकर उसकी सांस्कृतिक और शैक्षणिक गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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